उन्नाव में 24 घंटे में 15 सेमी घटा गंगा जलस्तर:फिर भी घाटों तक पहुंचा पानी, शुक्लागंज में चेतावनी बिंदु से 35 सेमी नीचे बह रही गंगा


उन्नाव में कई दिनों से लगातार बढ़ रहा गंगा नदी का जलस्तर अब घटने लगा है। पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर करीब 15 सेंटीमीटर कम हुआ है। इसके बावजूद नदी का पानी शुक्लागंज समेत प्रमुख घाटों तक पहुंचा हुआ है। ऐसे में प्रशासन ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन सतर्कता बरकरार रखते हुए बाढ़ चौकियों और संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शुक्रवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 110.650 मीटर दर्ज किया गया। गुरुवार सुबह इसी समय यह 110.850 मीटर था। यानी एक दिन में जलस्तर में करीब 15 सेंटीमीटर की कमी आई है। इससे पहले रविवार शाम छह बजे जलस्तर 110.910 मीटर था। सोमवार और मंगलवार को इसमें लगातार बढ़ोतरी हुई और बुधवार दोपहर एक बजे यह 111.050 मीटर तक पहुंच गया था। इसके बाद जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। चेतावनी बिंदु से नीचे, लेकिन घाटों तक पहुंचा पानी फिलहाल शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 112 मीटर से करीब 35 सेंटीमीटर नीचे है। यहां खतरे का निशान 113 मीटर निर्धारित है। हालांकि जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे है, लेकिन नदी का पानी प्रमुख घाटों तक पहुंच गया है। इसे देखते हुए प्रशासन किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता और लगातार निगरानी कर रहा है। ऊपरी क्षेत्रों की बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी का असर विशेषज्ञों के अनुसार, हरिद्वार, नरौरा और गंगा बैराज से छोड़े गए पानी के साथ उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हुई बारिश का असर उन्नाव में गंगा के जलस्तर पर देखने को मिला। इसी वजह से पिछले कुछ दिनों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा था। फिर बढ़ सकता है जलस्तर अधिकारियों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में ऊपरी क्षेत्रों में दोबारा तेज बारिश होती है या बांधों से अधिक पानी छोड़ा जाता है, तो गंगा का जलस्तर फिर बढ़ सकता है। इसलिए नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल किसी आबादी वाले क्षेत्र में जलभराव की स्थिति नहीं है। प्रशासन की अपील- घाटों पर बरतें सावधानी प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से गंगा किनारे न जाएं और बच्चों को अकेले घाटों पर न भेजें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को देने के लिए कहा गया है। साथ ही बाढ़ चौकियों और संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *