पत्नी और तीन बच्चों के हत्यारे को फांसी की सजा:कुशीनगर में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने सुनाया मृत्युदंड


कुशीनगर के बहुचर्चित चौहरे हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-2 परमेश्वर प्रसाद की अदालत ने आरोपी जितेंद्र कुशवाहा को फांसी) की सजा सुनाई है। जितेंद्र पर अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों की हत्या का आरोप था। कोर्ट ने उसे भारतीय न्याय संहिता/दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया। अर्थदंड 2,01,000 का लगाया गया है। जिस हत्याकांड में सजा हुई है वो घटना 26 अगस्त, 2021 को जिले के कसया थाना क्षेत्र में घटित हुई थी। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि दोषी को गले में फांसी लगाकर तब तक लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोरख प्रसाद यादव ने बताया कि यह मामला थाना कसया क्षेत्र में वर्ष 2021 में घटित हुआ था। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने अपनी पत्नी लीलावती (31 वर्ष) तथा तीन बच्चों आकाश (8), विकास (6) और ऋषिक (4) की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतका के पिता की तहरीर पर कसया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। कोर्ट ने हत्या के अपराध में मृत्युदंड के साथ दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा, धारा 309 के तहत छह माह के कारावास एवं एक हजार रुपये के अर्थदंड की भी सजा सुनाई गई। न्यायालय ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 366 के तहत मृत्युदंड की पुष्टि के लिए संपूर्ण अभिलेख इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट की पुष्टि होने तक मृत्युदंड के क्रियान्वयन पर रोक रहेगी और दोषी को जिला कारागार में सुरक्षित रखा जाएगा।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *