रेड सी की सुरक्षा के लिए गठबंधन बना रहा सऊदी:यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों से शिपिंग को बचाने की तैयारी


सऊदी अरब ने लाल सागर में शिपिंग को यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों से बचाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की घोषणा की है। रॉयटर्स की बुधवार की रिपोर्ट के अनुसार, इस गठबंधन में शामिल होने के लिए दर्जनों देशों को आमंत्रित किया गया है, हालांकि अभी सदस्यता को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। यह गठबंधन रियाद में स्थित होगा और इसे गुरुवार तक सार्वजनिक किया जा सकता है। गठबंधन में कौन हो सकता है शामिल? सऊदी अरब ने आधिकारिक तौर पर आमंत्रित देशों की सूची जारी नहीं की है। हालांकि, खबरों के अनुसार अमेरिका, पाकिस्तान, मिस्र, तुर्की, जिबूती, सोमालिया, सूडान और जर्मनी, फ्रांस व इटली जैसे यूरोपीय देशों को निमंत्रण भेजा गया है। अल-मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र, जिबूती और सूडान ने गठबंधन में शामिल होने पर सहमति जताई है। सऊदी अरब ने करीब 50 देशों को भागीदारी की पुष्टि के लिए समय सीमा दी है। सऊदी रक्षा मंत्री की अमेरिकी नेताओं से मुलाकात अमेरिकी मीडिया के अनुसार, सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ आपात बैठक की। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिंस सलमान ने वाशिंगटन को बताया कि सऊदी अरब ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के और बढ़ने के खिलाफ है, लेकिन वह अपनी रक्षा के लिए तैयार है। उन्होंने वेंस से यह भी कहा कि सऊदी अरब हूती विद्रोहियों के साथ स्थिति को खुद संभाल सकता है और फिलहाल अमेरिकी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। लाल सागर का महत्व और हूतियों का खतरा लाल सागर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक व्यापार का 30 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है, वैश्विक तेल निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। 2024 में, 4.1 अरब बैरल कच्चा तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद इस जलडमरूमध्य से गुजरे, जो वैश्विक कुल का लगभग पांच प्रतिशत है। हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई को सऊदी अरब पर समुद्री नाकेबंदी लागू की थी, जिससे तेल शिपमेंट बाधित हुए। हूतियों ने सऊदी नेताओं पर 12 वर्षों से अन्यायपूर्ण घेराबंदी करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने एक्स पर पोस्ट किया कि समूह ने सऊदी तेल टैंकर ‘एनसीसी गजाली’ को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया, जिससे उसे अपना रास्ता बदलना पड़ा। शिपिंग पर टोल लगाने की योजना रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हूती विद्रोही शिपिंग पर शुल्क लगाने पर विचार कर रहे हैं। यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एर्यानी ने बुधवार को इस खबर की पुष्टि की और आरोप लगाया कि इसमें ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) शामिल है। एर्यानी ने चेतावनी दी कि यह एक खतरनाक कदम है, जिसका उद्देश्य समुद्री गलियारे को मिलिशिया की गतिविधियों के लिए फंडिंग का जरिया बनाना है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत, प्राकृतिक जलडमरूमध्य के किनारे स्थित देशों को टोल वसूलने की अनुमति नहीं है। वैश्विक व्यापार और तेल कीमतों पर असर लाल सागर में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति लाइनों पर बुरा असर पड़ा है। रॉयटर्स के अनुसार, सप्ताहांत में लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घटकर केवल 11 रह गई, जबकि 2023 से पहले प्रतिदिन 70 से अधिक जहाज यहां से गुजरते थे। फरवरी में अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से तेल की कीमतें अस्थिर हैं। बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 88.09 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि पिछले हफ्ते कीमतें 100 डॉलर के पार चली गई थीं।

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