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प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक भूकर ने पॉक्सो एक्ट के एक मुकदमे में कथित तौर पर रिश्वत मांगने के आरोप में बाबूगंज चौकी प्रभारी और एक आरक्षी को निलंबित कर दिया है। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर पाए जाने पर उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का आरोप यह कार्रवाई लीलापुर थाना क्षेत्र की बाबूगंज चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक सुमित वर्मा और आरक्षी प्रेमदत्त के खिलाफ की गई है। उन पर रिश्वत मांगने और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का आरोप है। पुलिस अधीक्षक ने चन्दापुर निवासी फोटू वर्मा की शिकायत के बाद यह कदम उठाया। फोटू वर्मा ने आरोप लगाया था कि उनके भाई को पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में राहत दिलाने और धाराओं को कम कराने के नाम पर पुलिसकर्मियों ने पैसे की मांग की थी। पैसे लेने के बाद भी आरोपी को भेजा जेल शिकायतकर्ता के अनुसार, बाबूगंज चौकी पर तैनात आरक्षी के माध्यम से 12 हजार रुपए लिए गए थे, जिसमें से 10 हजार रुपए चौकी प्रभारी को दिए गए। इसके बाद कथित तौर पर 40 हजार रुपए और मांगे गए, लेकिन रुपए देने के बावजूद आरोपी को जेल भेज दिया गया। फोटू वर्मा ने यह भी दावा किया है कि उनके पास रुपए के लेन-देन और बातचीत से जुड़ी व्हाट्सएप कॉल की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग है, जो सोशल मीडिया पर भी वायरल है। हालांकि, इन रिकॉर्डिंग की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दोषी पाए जाने पर एसपी ने किया निलंबित एसपी दीपक भूकर ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं, जिसके बाद उन्हें तत्काल निलंबित किया गया। पूरे मामले की विस्तृत जांच अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार को सौंपी गई है। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, कर्तव्यों के प्रति लापरवाही या पुलिस की गरिमा को धूमिल करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में दोष सिद्ध होने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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एसपी ने चौकी प्रभारी और सिपाही को किया निलंबित:प्रतापगढ़ में पॉक्सो एक्ट में रिश्वत मांगने का था आरोप, विभागीय जांच के बाद हुई कार्रवाई