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संभल जनपद न्यायालय ने 2016 के बहजोई दोहरे हत्याकांड में बुधवार को फैसला सुनाया। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने चार अभियुक्तों को दोषी ठहराया। इनमें से दो को आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई, जबकि दो अन्य को हत्या के प्रयास के मामले में 10-10 वर्ष का कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। इस मामले में तीन आरोपियों को बरी कर दिया गया है। यह मामला संभल की तहसील चंदौसी के थाना बहजोई क्षेत्र के गांव किसौली का है। वर्ष 2016 में साहूकारा और अनुज की गोली लगने से मौत हो गई थी। राजू यादव ने थाना बहजोई में योगेंद्र, झम्मन सिंह, अवधेश उर्फ पप्पू, ध्यान सिंह, घनश्याम, महानंदी, राजेश सहित अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने योगेंद्र और अवधेश उर्फ पप्पू को हत्या का दोषी पाया। उन्हें धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। ओमपाल एवं शकुंतला को घायल करने के आरोप में ध्यान सिंह और राजेश को धारा 307 के तहत दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अभियुक्तों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को उनकी सजा में समायोजित किया जाएगा। जुर्माने की आधी रकम घायलों के परिजनों को मिलेगी। निर्णय सुनाते हुए न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने टिप्पणी की कि यह एक गंभीर अपराध था, जिसमें अवैध राइफल का उपयोग कर दो लोगों की हत्या की गई। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराध समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न करते हैं, और ऐसे अपराधियों को कठोर दंड मिलना चाहिए ताकि कानून के प्रति विश्वास बना रहे और पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश और हरिश्चंद्र ने कहा कि वर्ष 2016 में साहूकारा और अनुज की गोली लगने से मौत हुई थी, जबकि इन दोनों को बचाने आए ओमपाल और शकुंतला गोली लगने से घायल हुए थे।
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संभल दोहरे हत्याकांड में दो दोषियों को आजीवन कारावास:एक-एक लाख का जुर्माना, दो आरोपियों को 10 साल की जेल; तीन आरोपी बरी