नई दिल्ली5 मिनट पहले
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सरकार के साथ बातचीत के बाद मेटा ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों, खासकर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज के मामलों की जानकारी संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने पर सहमति जताई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ लगातार बातचीत कर रही है, ताकि बच्चों से जुड़ी हानिकारक सामग्री की पहचान कर उसे हटाया जा सके।
सरकार ने कहा है कि भारत में काम करने वाले किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बुनियादी शर्त है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जा सकता। सरकार के मुताबिक, Meta की यह सहमति बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित बनाने की दिशा में पहला कदम है, लेकिन अभी और कदम उठाने की जरूरत है।
सरकार दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ भी इस मुद्दे पर बातचीत कर रही है, ताकि वे ऐसे कंटेंट की पहचान और उसे हटाने के लिए खुद से जरूरी कदम उठाएं। सरकारी सूत्रों ने चेतावनी दी है कि जो प्लेटफॉर्म बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम नहीं उठाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
