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झांसी में रेलवे की संपत्ति चोरी कर कबाड़ में खपाने के मामले में आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा बल की टीम ने नयागांव रोड पर नहर किनारे सीतापुर वाटिका में चल रही कबाड़ की दुकान पर छापा मारकर रेल इंजन में इस्तेमाल होने वाली केबिल बरामद की हैं, जिसकी कीमत 50 हजार रुपए बताई जा रही है। आरपीएफ ने मौके से कबाड़ दुकान के मालिक धीरज साहू भी गिरफ्तार किया है। मामले में अभी तीन आरोपी फरार हैं। पहले दो तस्वीर देखिए… कबाड़ की दुकान पर अचानक पहुंची आरपीएफ की टीम रेल संपत्ति की चोरी और अवैध कारोबार पर नजर रखने के लिए आरपीएफ की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 28 जुलाई को आरपीएफ पोस्ट (थाना) वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी के निरीक्षक योगेश कुमार और क्राइम विंग झांसी की संयुक्त टीम को नयागांव रोड क्षेत्र में कबाड़ की दुकान पर रेलवे से संबंधित सामग्री होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम नयागांव रोड, नहर के किनारे स्थित सीतापुर वाटिका पहुंची। यहां कबाड़ की दुकान पर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान रेल इंजन के अल्टरनेटर रूम में इस्तेमाल होने वाली केबिल मिलीं। टीम ने जब दुकान संचालक से इन केबिल से जुड़े दस्तावेज मांगे तो वह कोई वैध अभिलेख पेश नहीं कर सका। 50 हजार की रेल संपत्ति बरामद आरपीएफ ने बरामद केबिल को रेल संपत्ति के रूप में कब्जे में ले लिया। इनकी अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपए आंकी गई है। पूछताछ के बाद दुकान संचालक धीरज साहू (23) पुत्र बलराम साहू, निवासी नगरा, थाना प्रेमनगर, झांसी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरपीएफ के मुताबिक, आरोपी रेल सामग्री के वैध स्वामित्व से संबंधित कोई प्रमाण नहीं दे सका। ऐसे में रेल संपत्ति को अवैध रूप से अपने कब्जे में रखने के आरोप में उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई है। तीन अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में तीन अन्य आरोपियों की संलिप्तता के तथ्य सामने आए हैं। आरपीएफ ने इन तीनों को मुकदमे में वांछित किया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार प्रयास कर रही है। आरपीएफ की जांच अब इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि बरामद रेलवे सामग्री दुकान तक किस माध्यम से पहुंची। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं रेल संपत्ति चोरी करने और उसे कबाड़ में खपाने वाला कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। गिरफ्तार आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है। रेलवे की संपत्ति कबाड़ में खपाने वालों पर नजर रेलवे में इस्तेमाल होने वाली केबिल और अन्य उपकरणों की चोरी से न केवल रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि इससे रेल परिचालन की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से आरपीएफ की ओर से रेल लाइन, यार्ड और रेलवे से जुड़े उपकरणों की चोरी रोकने के साथ-साथ कबाड़ कारोबारियों पर भी नजर रखी जा रही है। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि रेल संपत्ति की चोरी, उसे अवैध रूप से खरीदने-बेचने और कबाड़ में खपाने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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झांसी RPF ने रेल इंजन केबिल का खरीदार पकड़ा:गैंग के तीन आरोपी अब भी फरार, विवाह घर में चल रहा था कबाड़ करोबार