जलस्तर घटते ही फिर तेज हुआ घाघरा का कटान:गोंडा में मकान हटाकर पलायन को मजबूर हुए लोग, 24 घंटे में जलस्तर 37 सेमी घटा


गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में 37 सेंटीमीटर घट गया है। बुधवार सुबह 9 बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। हालांकि, गिरजा बैराज से 1,17,776 क्यूसेक, शारदा बैराज से 68,147 क्यूसेक और सरयू बैराज से 2,168 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बीच जलस्तर घटने से तटीय इलाकों में एक बार फिर कटान तेज हो गया है। कटान के चलते किसानों की फसलें और अस्थायी मकान खतरे की जद में आ गए हैं। तेजी से हो रहे कटान की चपेट में धान, गन्ना समेत सैकड़ों बीघा उपजाऊ भूमि आ रही है। बाढ़ खंड विभाग कटान रोकने के लिए लगातार बचाव कार्य करा रहा है, लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। बाणी माझा गांव के कई परिवार अपने फूस के अस्थायी मकानों को हटाकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं, जबकि कुछ परिवार पहले ही पलायन कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें डर है कि नदी उनकी जमीन और खड़ी फसलों को अपने आगोश में ले लेगी। दो दिन बाद फिर शुरू हुआ कटान ग्रामीणों के अनुसार, दो दिनों तक कटान रुका हुआ था, लेकिन बुधवार सुबह करीब 7 बजे से तरबगंज और कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के कई गांवों के पास नदी ने फिर कटान शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि जिनकी जमीन और फसलें नदी में समा चुकी हैं, उन्हें अब तक जिला प्रशासन या तहसील प्रशासन की ओर से कोई आर्थिक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने प्रभावित किसानों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। राजस्व विभाग करेगा नुकसान का आकलन जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के कारण पिछले दो दिनों से कटान रुका हुआ था, लेकिन अब जलस्तर घटने के साथ कटान दोबारा शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के माध्यम से नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। आपदा विभाग के नियमों के अनुसार पात्र प्रभावितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *