गोरखपुर में बोट एक्सीडेंट में युवक की मौत:दोस्त बोले- शांत स्वभाव का था लखमुद्दीन, आरोपी को जल्द सजा देने की मांग की


गोरखपुर के नौकाविहार पर रविवार देर रात स्पीड बोट एक्सीडेंट में 20 साल के लखमुद्दीन की जान चली गई। यह मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। कुशीनगर के रहने वाले उसके क्लासमेट्स और दोस्तों में आरोपियों के खिलाफ हुई अब तक की कार्रवाई को लेकर नाराजगी है। जिसको लेकर छात्रों ने कुशीनगर SDM से भी मुलाकात की। साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट मृतक को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आरोपी को जल्द से जल्द सजा दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता है तो वे प्रदर्शन पर उतर जाएंगे। इसके अलावा इस मामले को लेकर उनकी ओर से कुशीनगर और गोरखपुर के DM को ज्ञापन भी सौंपा जा सकता है। छात्रों ने बताया कि लखमुद्दीन बहुत ही शांत स्वभाव का था। जानिए पूरा मामला… रविवार को देर शाम करीब 6 बजे कुशीनगर से कयामुद्दीन अंसारी (29) परिवार के 9 सदस्यों के साथ रामगढ़ताल घूमने आए थे। कयामुद्दीन के साथ पत्नी रुख्साना खातून, बेटी नूरसभा, गुलसभा, सनाया, बेटा आमिर हमजा, मौसेरा भाई सलाउद्दीन, लखमुद्दीन और उसके दो दोस्त भी थे। करीब 8 बजे वे नौका विहार पहुंचे। कुछ देर इधर-उधर घूमने के बाद 7 लोगों ने बोटिंग करने का मन बनाया। प्लेटफॉर्म नंबर 5 से टिकट लिया गया। सभी नाव पर बैठे। इस दौरान दो अन्य लोग भी बैठे। जैसे ही नाव चालू हुई। तभी अचानक सामने से प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर आ रही एक स्पीड बोट ने जोरदार टक्कर मार दी। जिससे मौके से चीख पुकार मच गयी। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत बचाव किया और सभी को बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने लखमुद्दीन को मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोगों ने बताया- लखमुद्दीन 12वीं का छात्र था और आगे ITI में एडमिशन लेने की तैयारी में था। लखमुद्दीन शनिवार को स्कूल भी गया था
कुशीनगर के हाटा स्थित उसके स्कूल में पढ़ने वाले आयुष यादव ने बताया कि लखमुद्दीन शनिवार को स्कूल भी गया था। दोस्तों के मुताबिक मृतक बेहद ही शांत स्वभाव का था। बहुत ज्यादा लोगों से बातचीत नहीं करता था। वह पढ़ने में बहुत ठीक था। नोट्स कंप्लीट करने से लेकर स्कूल के हर प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करता था। स्कूल भी रेगुलर आता था। किसी दूसरे छात्र से कभी किसी तरह की अनबन या बहस भी नहीं होती थी। आयुष यादव का कहना है कि उसकी मौत के बाद सभी दोस्त दुखी हैं। सोमवार को उसके घर भी गए थे। पूरा परिवार में बिलख रहा है। उसके मां का रो- रोकर बुरा हाल है। साथ ही अन्य लोग भी टूट चुके हैं। उन्होंने बताया कि उसके पापा जबसे घर पहुंचे हैं तभी एकदम शांत हैं।

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