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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) ने सोमवार को बागपत में 21 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें जिले के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाएं शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा गया। ज्ञापन में शिक्षकों ने प्रमुख मांगों के रूप में सभी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण करने की मांग की। इसके साथ ही, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली भी एक अहम मुद्दा था। अन्य मांगों में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम 1982 की धारा 12, 18 और 21 को पुनः लागू करना शामिल था। शिक्षकों ने ऑनलाइन स्थानांतरण व्यवस्था शुरू करने तथा विभागीय कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए ई-फाइलिंग प्रणाली लागू करने की भी मांग उठाई। धरने को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील चौधरी ने कहा कि प्रदेश का शिक्षक अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और शिक्षक विरोधी नीतियों को स्वीकार नहीं करेगा। जिला अध्यक्ष प्रमोद प्रकाश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों का शोषण किया गया तो संगठन उसका मजबूती से विरोध करेगा। जिला मंत्री शिवकरण चौरसिया ने कहा कि शिक्षक अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए हर स्तर तक संघर्ष करने को तैयार हैं। वहीं, कार्यकारी जिला मंत्री प्रदीप शर्मा ने सरकार से शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील करते हुए कहा कि यदि मांगों की अनदेखी हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष प्रमोद प्रकाश शर्मा ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री शिवकरण चौरसिया ने किया। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
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बागपत में शिक्षकों का 21 सूत्रीय मांगों पर प्रदर्शन:मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग