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कुशीनगर जिले के फाजिलनगर विकासखंड क्षेत्र के बलियवां गांव के मुसहरी टोला में बंजर भूमि पर बनी एक कथित अवैध मजार को शनिवार को ग्रामीणों ने गिरा दिया था। सोमवार को दैनिक भास्कर द्वारा इस घटना को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद स्थानीय राजस्व विभाग हरकत में आया। ग्रामीणों का कहना था कि वे पिछले कई महीनों से प्रशासन के सामने यह मामला उठा रहे थे। ग्रामीणों के साथ मामले में पहल करने वाले हिंदूवादी नेता ने सोमवार को बताया कि कई बार सूचना देने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं जमीन खाली कराई। ग्रामीणों के अनुसार, राजा बलिराम चंद्र मिनी स्टेडियम के बगल स्थित बंजर भूमि पर करीब 12 वर्ष पूर्व यह मजार बनाई गई थी। वहां बाहर से आकर रहने वाला एक व्यक्ति झाड़-फूंक का काम करता था, जिसकी पहचान शुक्रुल्लाह पुत्र अनवर के रूप में हुई। सोमवार शाम राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अभिलेखों के आधार पर आसपास की जमीनों की पड़ताल की। चौराखास के राजस्व निरीक्षक लक्ष्मण गुप्ता ने बताया कि जांच में अभिलेखों में इस बंजर भूमि पर किसी मजार का नाम अंकित नहीं मिला है। हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने भी प्रशासन की जांच में सत्य सामने आने की बात कही। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद उन्होंने कथित मौलाना की पहचान की भी जांच की मांग की। प्रशासनिक छानबीन के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। जांच के बाद बंजर भूमि पर अवैध कब्जे और मजार निर्माण के दावों की पुष्टि हो गई है। राजस्व निरीक्षक ने बताया कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के सामने रखी जाएगी और आगे के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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कुशीनगर में मजार का रिकॉर्ड नहीं मिला:ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन सक्रिय, हिन्दूवादी नेता बोले- सत्य सामने आ गया