पंजाब कांग्रेस की नेतृत्व की लड़ाई में अब आर-पार की सिचुएशन बन गई है। जालंधर से सांसद व पूर्व CM चरणजीत चन्नी व गुरदासपुर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग के गुट से पहले ही दूरी बना रखी है। अब ऐसा माना जाने लगा है कि ये चन्नी-रंध
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दरअसल, पंजाब के कांग्रेस सांसदों ने संसद के बाहर बरनाला में सफाईकर्मियों पर हुए लाठी चार्ज और पंजाब में पेपर लीक की घटना को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में राजा वडिंग के साथ डॉ. अमर सिंह, गुरजीत औजला व शेर सिंह घुबाया दिखे। वहीं दिल्ली में होने के बावजूद सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा उस धरने में शामिल नहीं हुए।
चन्नी ने भी इससे दूरी बनाई। जिससे साफ है कि चन्नी व रंधावा अब राजा वडिंग के साथ कोई स्टेज भी शेयर करने को तैयार नहीं हैं। चन्नी और रंधावा अपने समर्थकों के साथ चुनाव की तैयारियों में जुट गए। चन्नी-रंधावा गुट से जुड़े नेता रविवार को गुरदासपुर के विधायक वरिंदरमीत सिंह पाहड़ा के घर जुटे।
बैठक के बाद चन्नी गुट के नेताओं ने एक वीडियो रील जारी की और उसमें जो गाना लगाया उससे अपने विपक्षियों को कड़ा संदेश दिया है। रील की बैकग्राउंड चल रहे गाने में कहा हे कि साड्डे विच कोई खच्च नहीं।

चन्नी-रंधावा गुट से जुड़े नेता रविवार को गुरदासपुर के विधायक वरिंदरमीत सिंह पाहड़ा के घर जुटे।
केसी वेणुगोपाल से आमने-सामने होने के बाद चन्नी गुट के तेवर कैसे बदले, जानिए…
- केसी वेणुगोपाल को चन्नी की दो टूक: दिल्ली में बैठक में चरणजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा केसी वेणुगोपाल की उपस्थिति में राजा वडिंग के साथ बैठे, लेकिन दोनों गुटों में बात नहीं बनी। केसी वेणुगोपाल ने चन्नी व रंधावा गुट को खरी-खरी सुनाई लेकिन चन्नी भी इस मीटिंग में चुप नहीं रहे। चन्नी ने भी केसी वेणुगोपाल को खूब सुनाई। जिसके बाद केसी वेणुगोपाल मीटिंग छोड़कर चले गए। चन्नी भी उनके साथ ही उठकर बाहर आ गए।
- दिल्ली में वडिंग के धरने में नहीं हुए शामिल: पंजाब की दो बड़े मामलों को लेकर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरने के लिए संसद भवन के बाहर सांसदों से प्रदर्शन करवाया। उस प्रदर्शन में राजा वडिंग के साथ अमर सिंह, शेर सिंह गुबाया व गुरजीत औजला खड़े दिखे। चरनजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर दंधावा हाईकमान के सामने होने के बावजूद धरने में शामिल नहीं हुए। सांसद धर्मवीर गांधी ने भी इस धरने से दूरी बनाई।
- गुरदासपुर में की चुनाव की तैयारियों पर चर्चा: गुरदासपुर में विधायक पहाड़ा के घर चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा गुरजीत, भारत भूषण आशु समेत उनके गुट के तमाम लीडर जमा हुए और उन्होंने वहां पर चुनाव की तैयारियों के संबंध में चर्चा की। जिससे साफ है कि चन्नी गुट अब चुनाव की तैयारियों में जुट गया।
- रब ने पावर दी सबसे हिसाब लेंगे: चरणजीत सिंह चन्नी गुट ने अब पंजाब में खुलकर पब्लिक मीटिंगों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। बरनाला में सफाई सेवकों के धरने में चन्नी ने जब संबोधित किया तो उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री का दावेदार की तौर पर पेश किया। चन्नी ने कहा कि इस सरकार के थोड़े दिन रह गए। रब ने अगर ताकत दी तो इनका हिसाब इसी जगह पर होगा। जिससे साफ है कि चन्नी खुद को अब सीएम चेहरे के तौर पर पेश करने लग गए हैं।
- वडिंग गुट में सेंधमारी की तैयारी: चन्नी गुट अब वडिंग गुट में भी सेंधमारी की तैयारी में जुट गया है। राजा वडिंग के खासमखास अनिल जोशी भी उनकी मीटिंग में शामिल हुए। चन्नी गुट ने जो रील बनाई है उसमें अनिल जोशी को ही फोकस किया गया है। अनिल जोशी जैसे ही एंट्री करते हैं तो रील की बैकग्राउंड में गाना चलाया जाता है।

चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा व अन्य नेता लंच करते हुए। चन्नी गुट के नेताओं ने यह वीडियो जारी किया।
रील में चल रहे गीत के चार बड़े मायने…
- हमारे ग्रुप में कोई धोखेबाज नेता नहीं है: “बंदा साड्डियां ग्रुपों विच, खच्च कोई ना”, पंजाबी में ‘खच्च’ शब्द का इस्तेमाल अक्सर कमजोर, धोखेबाज या गद्दार इंसान के लिए किया जाता है। इस गाने के जरिए वडिंग गुट को सीधा मैसेज दिया गया है कि चन्नी-रंधावा गुट के साथ जितने भी नेता खड़े हैं, वे सभी एक-दूसरे के वफादार, मजबूत और टिकाऊ साथी हैं।
- हमारा पलड़ा भारी है: रील में राजा वडिंग के बेहद खास माने जाने वाले अनिल जोशी की एंट्री को खास तौर पर हाइलाइट किया गया है। चन्नी गुट यह दिखाना चाहता है कि विरोधी खेमे के प्रमुख नेता अब उनका साथ छोड़कर हमारे पास आ रहे हैं। यानी असली ताकत और नेतृत्व अब चन्नी-रंधावा गुट के पास है।
- हम झुकने या दबने वाले नहीं हैं: गाने की पंक्तियां “जट्ट मड़का नहीं छड्डदा, ओ छड्ड देवे साह गल्ल वखरी” (चाहे जान चली जाए, लेकिन अपनी शान और अकड़ नहीं छोड़ेंगे) के जरिए यह संदेश सीधे तौर पर पार्टी हाईकमान और विरोधी गुट दोनों के लिए है कि चाहे केसी वेणुगोपाल से तीखी बहस हुई हो या हाईकमान का दबाव हो, वे पीछे नहीं हटेंगे। वे अपनी शर्तों पर राजनीति करेंगे और राजा वडिंग का नेतृत्व स्वीकार नहीं करेंगे।
- अपनी ताकत दिखाने को तैयार: गाने की पंक्ति “लोड़ पई तों सिरां ते असमान चक लेंदे” से अपने समर्थकों की एकजुटता को दिखाया गया है। यह जाहिर किया गया है कि अगर चुनाव या संगठन में ताकत आजमाने का वक्त आया, तो वे पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव करने का दम रखते हैं।

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दिल्ली में हाईकमान से बैठक के बाद हाईकमान व पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस में ऑल इज वेल के दावे कर रहे हैं, लेकिन ग्राउंड लेवल पर सच्चाई यह है कि पंजाब कांग्रेस में ऑल इज नॉट वेल है। शनिवार को पंजाब के बरनाला में ऐसा हुआ कि कांग्रेस में हाईकमान के दावे फेल हो गए और पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग गुट की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। (पढ़ें पूरी खबर)