CRPF Probe Reveals RAF Jawan Fired Pellet Gun

नई दिल्ली3 मिनट पहले

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20 जुलाई को स्टूडेंट्स ने संसद मार्च निकाला था। आरोप है कि RAF जवान ने इस दौरान पैलेट गई चलाई थी।  - Dainik Bhaskar

20 जुलाई को स्टूडेंट्स ने संसद मार्च निकाला था। आरोप है कि RAF जवान ने इस दौरान पैलेट गई चलाई थी।

दिल्ली में 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान RAF के एक जवान ने अपनी पैलेट गन से कुल सात राउंड फायर किए थे। CRPF की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इनमें से पांच राउंड प्रदर्शनकारियों को लगे, जबकि दो जमीन पर लगे। यह जानकारी मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई है।

जांच के मुताबिक, जवान की तैनाती कनॉट प्लेस इलाके में थी। सूत्रों का कहना है कि फायरिंग उस समय की गई, जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया और पथराव शुरू कर दिया था। इससे पहले CRPF ने जांच की है कि कार्रवाई के दौरान RAF कर्मियों ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया था या नहीं।

इस घटना में कम से कम तीन लोग पैलेट लगने से घायल हुए थे। इनमें गुरुग्राम में काम करने वाले 25 वर्षीय इरशाद शेख, दिल्ली यूनिवर्सिटी के 19 वर्षीय छात्र साहिल लोछाब और एक मैगजीन के 28 वर्षीय पत्रकार शामिल हैं। तीनों का अस्पताल में इलाज कराया गया।

सूत्रों के मुताबिक, RAF कर्मियों की लॉग एंट्री की जांच के दौरान पता चला कि कुल सात पैलेट राउंड चलाए गए थे। इनमें से पांच प्रदर्शनकारियों को लगे और दो जमीन पर लगे।

बल प्रयोग पर उठे सवाल

इसी बीच, CRPF के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अब प्रदर्शन खत्म हो चुका है और लोग लौट चुके हैं। ऐसे में हर बड़े अभियान की तरह इस मामले की भी पेशेवर तरीके से समीक्षा की जाएगी।

इसके बाद मुख्यालय की ओर से आधिकारिक राय सामने रखी जाएगी।

इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में बताया था कि RAF के आईजी ऑपरेशंस एम ए धुंधिया ने अधिकारियों से कहा था कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान अपनाया गया “फोर्स ग्रेडिएंट” तय मानकों और RAF की ट्रेनिंग के अनुरूप नहीं था। यह टिप्पणी आंतरिक समीक्षा में सामने आई परिचालन संबंधी कमियों के बाद की गई।

पुलिस व्यवस्था में “फोर्स ग्रेडिएंट” का मतलब हालात और खतरे के स्तर के अनुसार अलग-अलग स्तर पर बल प्रयोग करना होता है।

22 जुलाई को धुंधिया ने दिल्ली में तैनात कंपनी कमांडरों और कमांडेंट्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और संसद चलो मार्च के दौरान RAF की तैनाती, भूमिका और कार्रवाई की समीक्षा की गई। साथ ही भविष्य के लिए कई सुधारात्मक निर्देश भी दिए गए।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बल का इस्तेमाल केवल जरूरत के मुताबिक और संतुलित, निष्पक्ष तथा संवेदनशील तरीके से किया जाए।

यह भी कहा गया कि बल प्रयोग से पहले आवश्यक चेतावनी दी जाए और हालात के अनुसार लाठीचार्ज, आंसू गैस तथा अन्य स्वीकृत भीड़ नियंत्रण उपायों का क्रमवार इस्तेमाल किया जाए।

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