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चंदौली जिला मुख्यालय पर विंध्य एक्सप्रेसवे लिंक परियोजना के खिलाफ चल रहे आंदोलन का असर अब गांवों तक पहुंच गया है। सोमवार को सदर तहसील क्षेत्र के नेवादा गांव में सैकड़ों किसानों ने विरोध प्रदर्शन कर भूमि अधिग्रहण का विरोध जताया। किसानों का कहना है कि गांव की करीब 60 एकड़ उपजाऊ जमीन अधिग्रहित करने की तैयारी की जा रही है, लेकिन वे अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं। प्रभावित किसानों का कहना है कि अधिकांश परिवार छोटे और सीमांत किसान हैं। यदि उनकी जमीन अधिग्रहित हो गई तो उनके सामने भूमिहीन होने का संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने प्रशासन से अधिग्रहण की प्रक्रिया रोकने और उनकी बात सुनने की मांग की। संयुक्त किसान मोर्चा का धरना जारी संयुक्त किसान मोर्चे के नेतृत्व में विकास भवन के पास विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना जारी है। संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक एवं भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता मणिदेव चतुर्वेदी ने कहा कि अब परियोजना का विरोध गांव-गांव तक फैल चुका है। उन्होंने जिला प्रशासन से कार्यदायी संस्था यूपीडा और किसानों के बीच जल्द वार्ता कराने की मांग की। यूपीडा से बातचीत से पहले अधिग्रहण नहीं होने देंगे किसानों ने कहा कि जब तक यूपीडा किसानों से बातचीत नहीं करती, तब तक वे खेतों की मेड़ पर बैठकर किसी भी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई का विरोध करेंगे। उनका कहना है कि बातचीत के बाद ही आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। किसान बोले- जमीन गई तो बच्चों का भविष्य कैसे चलेगा नेवादा गांव में पंचायत के बाद किसानों ने परियोजना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान रामनारायण सिंह यादव ने कहा कि वे अपनी जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे। उनका कहना था कि उनके पूर्वजों ने मेहनत से इस जमीन को उपजाऊ बनाया है और यदि यही जमीन चली गई तो आने वाली पीढ़ियों का गुजारा कैसे होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना वापस नहीं ली जाती, तब तक गांव के लोग मतदान नहीं करेंगे। प्रदर्शन में अलाउद्दीन, कन्हैया मौर्य, बिजेंद्र सिंह यादव, अशोक सिंह, गोपाल सिंह, बीरेंद्र सिंह, अजय सिंह, मंगल सिंह, रामचंद्र यादव, पखंडू समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।
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चंदौली में विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में गांव-गांव प्रदर्शन:नेवादा में किसानों का ऐलान- 'जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे', 60 एकड़ जमीन अधिग्रहण का विरोध