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सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र में किसान कमल किशोर की बाघिन के हमले में मौत के 11 दिन बाद भी वन विभाग उसे पकड़ने में सफल नहीं हो सका है। लगातार सर्च ऑपरेशन के बावजूद बाघिन वन विभाग की टीम को चकमा दे रही है। अब विभाग ने रणनीति बदलते हुए नए स्थानों पर दो पिंजरे लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को रसूलवा गांव और आसपास के इलाकों में बाघिन के ताजा पगचिह्न नहीं मिले। इसके चलते मृतक किसान के गांव रसूलवा में लगाए गए पिंजरे को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। डीएफओ ने बताया कि बाघिन ने अपना मूवमेंट करीब 10 किलोमीटर के दायरे तक बढ़ा लिया है। इसी को देखते हुए संभावित स्थानों पर दो नए पिंजरे लगाए जाएंगे। थर्मल ड्रोन और ट्रैप कैमरों से भी की गई निगरानी रविवार देर शाम तक वन विभाग की टीम ने शेरपुर, गंधारिया, बिजुआमऊ समेत आसपास के खेतों और जंगलों में व्यापक कॉम्बिंग अभियान चलाया। इस दौरान थर्मल ड्रोन और ट्रैप कैमरों की मदद से भी निगरानी की गई, लेकिन न तो बाघिन के ताजा पगचिह्न मिले और न ही किसी कैमरे में उसकी तस्वीर कैद हो सकी। ग्रामीणों में बढ़ा डर और नाराजगी वन विभाग की लगातार नाकामी से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीण रामकुमार ने बताया कि पूरे दिन चले कॉम्बिंग अभियान के बावजूद टीम को कोई सफलता नहीं मिली। बाघिन के डर से लोग खेतों में जाने से बच रहे हैं। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर महसूस कर रहे हैं। वहीं मवेशियों के लिए चारा लाने में भी ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दर्जनों गांवों की दिनचर्या प्रभावित बाघिन की दहशत से आसपास के दर्जनों गांवों की सामान्य दिनचर्या प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द बाघिन को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। वन विभाग का कहना है कि अभियान लगातार जारी है और जल्द ही बाघिन को पकड़ने के प्रयास में सफलता मिलने की उम्मीद है।
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सीतापुर में 11 दिन बाद भी नहीं पकड़ी गई बाघिन:किसान की मौत के बाद बढ़ाया 10 किमी तक मूवमेंट, नए स्थानों पर लगेंगे पिंजरे