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हाथरस में ग्राम पंचायत हैथारघुनाथपुर, ब्लॉक हसायन के पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री ने सीडीओ पीएन दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने रविवार दोपहर 2 बजे मीडियाकर्मियों से बातचीत में आरोप लगाया कि सीडीओ ने उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी और रिश्वत न देने पर झूठा मुकदमा दर्ज कराकर गिरफ्तार करवा दिया। उनके अनुसार, विपक्षियों की झूठी शिकायत पर सीडीओ पीएन दीक्षित ने उन्हें फोन करके अपने कार्यालय बुलाया और एक लाख रुपये की मांग की। सीडीओ ने अपनी पत्नी को बताया बीजेपी अध्यक्ष जब उन्होंने ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया, तो सीडीओ ने कथित तौर पर धमकी दी कि उनकी पत्नी जालौन जिले की बीजेपी अध्यक्ष हैं और उनकी पहुंच मुख्यमंत्री तक है, इसलिए उनको इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पूर्व प्रधान ने बताया उनकी पंचायत का कंप्यूटर खराब हो गया था, जिसकी जानकारी उन्हें सचिव से मिली। उन्होंने 24 नवंबर को एडीओ पंचायत को पत्र लिखकर कंप्यूटर ठीक कराने का अनुरोध किया। एडीओ पंचायत ने बताया कि इसे ठीक कराने की कोई व्यवस्था नहीं है और प्रधान को स्वयं ही कराना होगा। इस पर उन्होंने इसे दिल्ली के एक सर्विस सेंटर में ठीक होने के लिए दिया था। आरोप है कि 22 दिसंबर को बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी वित्तीय शक्तियां (पावर) सीज कर दी गईं। पूर्व प्रधान ने कहा कि वह कंप्यूटर के भुगतान में असमर्थ थे और उन्होंने इसका अनुमान सभी अधिकारियों को दे दिया था। 16 मार्च को सचिव का फोन आया, जिन्होंने बताया कि सीडीओ उनके और प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रहे हैं। साजिश रचकर उन्हें कराया गिरफ्तार अग्निहोत्री के मुताबिक उन्होंने तुरंत सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा और व्हाट्सएप के माध्यम से सूचित किया। इसके बावजूद, सीडीओ और डीपीआरओ ने कथित तौर पर हसायन थाने में एक झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीडीओ, डीपीआरओ ने उनके खिलाफ षड्यंत्र रचते हुए 24 जून को हसायन थाने में मुकदमे में उन्हें जबरन गिरफ्तार करवा दिया। इधर, इस मामले में जब सीडीओ से फोन कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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हाथरस में पूर्व प्रधान का आरोप, CDO ने मांगी रिश्वत:रिश्वत न देने पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप