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संभल के कस्बा सिरसी सादात के मोहल्ला शर्की में शनिवार देर रात हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम के अलम-ए-मुबारक का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। यह आयोजन लगातार 25वें वर्ष अकीदत, अनुशासन और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। जुलूस का शुभारंभ मोहल्ला शर्की सादात स्थित लईक साहब के आवास से रात करीब 8:30 बजे मजलिस के साथ हुआ। मजलिस में असगर साहब और उनके साथियों ने सोज़खानी पेश की। मौलाना आबिस मेहदी ने मजलिस को संबोधित करते हुए कर्बला के संदेश, हज़रत इमाम हुसैन और शोहदा-ए-कर्बला के बलिदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कर्बला इंसानियत, धैर्य और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का प्रतीक है।
मजलिस के समापन के बाद अलम-ए-मुबारक का जुलूस अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ा। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने नौहाखानी और सीनाज़नी करते हुए शोहदा-ए-कर्बला को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा और सम्मान के साथ जुलूस में भाग लिया। इस जुलूस में अंजुमन जुल्फेकार-ए-हैदरी, अंजुमन गुलदस्ते हैदरी, अंजुमन हाशमी, अंजुमन हैदरी, अंजुमन पंजेतनी और अंजुमन मीसम-ए-अज़ा सहित कई स्थानीय अंजुमनों ने शिरकत की। सभी अंजुमनों ने अपने-अपने तरीके से नौहाखानी और सीनाज़नी कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए रात करीब 10 बजे मोहल्ला शर्की सादात स्थित इमामबाड़े पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। जुलूस के दौरान प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। स्थानीय निवासियों के सहयोग और प्रशासन की सतर्क व्यवस्था के कारण पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
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सिरसी में हज़रत अब्बास का अलम-ए-मुबारक जुलूस:25वीं बार अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में निकला