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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले शनिवार को जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई संगठनों के पदाधिकारियों को उनके आवासों पर ही रोक दिया। गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक की राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमलता पटेल और समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष सुशील यादव सहित किसान संगठनों से जुड़े कुछ पदाधिकारियों को सुबह 5 बजे से ही पुलिस निगरानी में उनके घरों पर रखा गया। जानकारी के अनुसार, हेमलता पटेल मुख्यमंत्री को जिले की विभिन्न जनसमस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रही थीं। वह बिजली संकट, खाद की उपलब्धता, जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की मरम्मत, किसानों एवं छात्रों से जुड़े मुद्दों सहित अन्य जनहित के विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखना चाहती थीं।
हेमलता पटेल ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है और उन्हें ज्ञापन देने से रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन हमेशा कानून के दायरे में रहकर जनता की समस्याएं उठाता रहा है। समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष सुशील यादव और किसान संगठनों के पदाधिकारियों को भी पुलिस ने उनके घरों पर ही रोककर रखा। संबंधित संगठनों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। हालांकि, पुलिस ने सभी पदाधिकारियों को दोपहर 3 बजे के बाद घर से निकलने दिया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू रही।
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सीएम कार्यक्रम से पहले गुलाबी गैंग अध्यक्ष हाउस अरेस्ट:फतेहपुर में सपा छात्र सभा जिलाध्यक्ष भी हिरासत में, जनसमस्याओं पर ज्ञापन देने की थी तैयारी