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घाटमपुर में साइबर अपराध पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। रेउना क्षेत्र में संचालित कथित “मिनी जामताड़ा” नेटवर्क का खुलासा करने के बाद अब पुलिस की नजर घाटमपुर क्षेत्र के 34 संदिग्ध म्यूल खातों पर है। इन खातों के माध्यम से संदिग्ध धनराशि के लेन-देन की शिकायतें सामने आने के बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच की पूरी प्रक्रिया एसीपी घाटमपुर कृष्णकांत यादव की निगरानी में कराई जा रही है। एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि पुलिस को प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से घाटमपुर क्षेत्र के 34 संदिग्ध म्यूल खातों की जानकारी प्राप्त हुई है। इन खातों में साइबर ठगी से जुड़े संदिग्ध लेन-देन की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने संबंधित बैंकों से खातों के स्टेटमेंट, केवाईसी विवरण और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड तलब किए हैं। जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि खातों में कितनी धनराशि जमा हुई, कितनी बार ट्रांजेक्शन हुए और रकम किन खातों में भेजी गई। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रत्येक खाते की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि खाताधारकों को इन लेन-देन की जानकारी थी या फिर किसी ने बहाने, लालच अथवा धोखे से उनके बैंक खातों का इस्तेमाल किया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खाताधारक स्वयं साइबर गिरोह का हिस्सा हैं या उनके खाते का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति ने किया है। पुलिस धनराशि के पूरे फ्लो (Money Trail) को खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि रकम किसने खातों में डलवाई, किसने निकाली और उसका अंतिम लाभ किस व्यक्ति या गिरोह को मिला। जरूरत पड़ने पर संबंधित खाताधारकों से पूछताछ भी की जाएगी। एसीपी कृष्णकांत यादव ने कहा- साइबर अपराध के मामलों में पुलिस पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जा रही है ताकि कोई निर्दोष व्यक्ति कार्रवाई की जद में न आए। वहीं, जिन लोगों की संलिप्तता साइबर ठगी या म्यूल खातों के संचालन में मिलेगी, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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कानपुर में साइबर अपराध के खिलाफ एसीपी सख्त:घाटमपुर के 34 म्यूल खाते पुलिस की रडार पर, खुद की निगरानी में करा रहे जांच