Sambhal Violence Accused Zafar Ali Joins AIMIM

सनी गुप्ता, संभल4 मिनट पहले

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संभल हिंसा के आरोपी जफर अली एडवोकेट ने विधानसभा चुनाव 2027 से पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का मंच साझा किया है। वह कल मुरादाबाद में असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। जफर अली ने संभल हिंसा मामले में जेल से रिहा होने के बाद विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की थी।

संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित शाही जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के जफर अली ने आज मुरादाबाद में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के साथ मंच साझा किया। यह कार्यक्रम मुरादाबाद की जामा मस्जिद के छोटा मैदान में असदुद्दीन ओवैसी की कल होने वाली जनसभा से पहले आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक का हिस्सा था।

इस दौरान जफर अली के साथ संभल नगर पालिका परिषद की चेयरमैन आसिया मुशीर के पति चौधरी मुशीर खां भी मौजूद थे। मंच पर जब प्रदेश अध्यक्ष कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे, तब जफर अली और चौधरी मुशीर खां एक-दूसरे का हाथ थामे हुए दिखाई दिए।

विधानसभा चुनाव से पहले जफर अली का AIMIM के मंच पर आना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। जफर अली ने बताया कि वह आज पार्टी की बैठक में शामिल हुए, लेकिन औपचारिक सदस्यता कल ओवैसी की मौजूदगी में लेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव लड़ने का मन जनता के कहने पर बनाया था और पहले यह घोषणा की थी कि वह किसी भी पार्टी से टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। अब उन्होंने AIMIM में शामिल होने का निर्णय लिया है।

गौरतलब है कि 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष ने सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट चंदौसी में संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा पेश किया था। कोर्ट के आदेश पर उसी शाम पहले चरण का सर्वे हुआ।

दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर 2024 को किया गया, जिसके दौरान हजारों की संख्या में लोग जमा हो गए। इस दौरान सर्वे बाधित हुआ और हिंसा भड़क गई। पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। इस हिंसा में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, एएसपी अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

संभल कोतवाली एवं थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क एवं सपा विधायक इक़बाल महमूद के बेटे सुहैल इक़बाल सहित कई लोगों को नामजद करते 2750 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया, हालांकि चार्जशीट में साक्ष्यों के आधार पर विधायक पुत्र का नाम निकाल दिया गया।

जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट सहित 158 अभियुक्तों को जेल भेजा गया, जिसमें 3 महिलाएं और संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता फरार गैंगस्टर शारिक साठा के तीन गुर्गे मुल्ला अफरोज, वारिस एवं गुलाम भी शामिल है। मुल्ला अफरोज पर अक्टूबर 2025 में रासुका लगी, इसके बाद वारिस और गुलाम पर भी रासुका की कार्रवाई की गई है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जफर अली को बीती 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया था, 24 मार्च को उन्हें जेल भेजा गया था और 131 दिन के बाद जेल से बाहर आए थे। आपको बता दे कि काफी अभियुक्त की जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट से हो चुकी है।

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