अनुभव बाजपेयी | हरदोई4 मिनट पहले
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उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय शुक्रवार देर शाम हरदोई पहुंचे। वे सवायजपुर विधानसभा के हरपालपुर क्षेत्र में आयोजित एक पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए।
मंत्री का कार्यक्रम दोपहर 3 बजे निर्धारित था, लेकिन वे शाम करीब 7:15 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस निर्धारित समय से लगभग चार घंटे की देरी के कारण कार्यक्रम में मौजूद लोगों और कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।

कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में मंत्री मनोज पांडेय ने NEET परीक्षा विवाद पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर भी अपनी बात रखी। मंत्री ने कहा कि देश के छात्र और युवा भारत का भविष्य हैं, और उनके हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि NEET परीक्षा में पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद सरकार ने तत्काल कार्रवाई की। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
समयबद्ध तरीके से दोबारा परीक्षा कराकर परिणाम घोषित किए गए, ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं मजबूत बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है।

मंत्री पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों सहित हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि समस्याओं का स्थायी समाधान केवल संवाद से ही निकलता है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है, जिससे दोषियों को कम समय में सजा दिलाई जा सके।

विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए मंत्री ने कहा कि जो लोग आज शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, उन्हें अपने शासनकाल की घटनाओं को भी याद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं।
इसी दौरान उन्होंने कहा, “बार-बार आइना साफ करने से कुछ नहीं होगा, थोड़ा अपना चेहरा भी साफ कर लीजिए।” मंत्री ने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकार छात्रों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं।
