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प्रयागराज में अब स्कूलों के बाहर मुख्य सड़क पर बच्चों को उतारना और चढ़ाना प्रतिबंधित रहेगा। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में यह सख्त निर्देश दिए। यह कदम शहर के पॉश और व्यस्त इलाकों में स्कूलों के खुलने और छुट्टी के समय लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए उठाया गया है। डीएम ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वे सड़क पर भीड़ या जाम की स्थिति उत्पन्न न होने दें। बैठक में जोर दिया गया कि बच्चों को सुरक्षित चढ़ाने और उतारने की व्यवस्था विद्यालय परिसर के भीतर ही की जाए। इसके लिए स्कूल अपने खेल मैदान या अन्य परिसर का उपयोग कर सकते हैं, ताकि मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें न लगें। यह समस्या विशेष रूप से सिविल लाइंस जैसे व्यस्त इलाकों में स्थित सेंट मैरी कॉन्वेंट (जूनियर और सीनियर विंग), सेंट जोसेफ स्कूल, गर्ल्स हाई स्कूल और सेंट एंथोनी जैसे प्रतिष्ठित विद्यालयों के सामने देखी जाती है। इन स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय वाहनों द्वारा मुख्य सड़क पर बच्चों को उतारने-चढ़ाने से रोजाना लंबा ट्रैफिक जाम लगता है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है। इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए, जिलाधिकारी ने एडीएम सिटी, डीआईओएस, एआरटीओ और एसीपी ट्रैफिक की एक संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम जाम से प्रभावित स्थलों का निरीक्षण करेगी और एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करेगी। इसी क्रम में, स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 1 से 15 जुलाई तक ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, परिवहन विभाग ने मानक के विपरीत और बिना फिटनेस के संचालित 301 वाहनों का चालान किया, जबकि 38 वाहनों को सीज किया गया। इसके अतिरिक्त, फिटनेस समाप्त हो चुके 324 स्कूली वाहनों को नोटिस जारी की गई है और विद्यालयों को आगामी 15 दिनों के भीतर इन वाहनों का फिटनेस कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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प्रयागराज में स्कूलों के बाहर बच्चों को उतारना-चढ़ाना प्रतिबंधित:डीएम ने दिए सख्त निर्देश, परिसर का उपयोग करें स्कूल प्रबंधन