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बाराबंकी में धान की खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को यूरिया और डीएपी खाद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। शुक्रवार को जिले की कई सहकारी समितियों और निजी खाद बिक्री केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें देखी गईं। कई किसानों ने आरोप लगाया कि घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे धान की फसल प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि कुछ केंद्रों पर खाद का वितरण बहुत धीमी गति से हो रहा है, जबकि कई जगहों पर स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। इसके अलावा, कुछ किसानों ने निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने और खाद की कालाबाजारी के आरोप भी लगाए हैं। जिला प्रशासन ने जिले में खाद की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। शुक्रवार शाम 4 बजे डीएम ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि बाराबंकी में यूरिया और डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि खाद वितरण के दौरान आई तकनीकी समस्या को दूर कर लिया गया है। डीएम के अनुसार, अब सभी निजी दुकानों और सहकारी समितियों पर सुबह 7 बजे से नियमित रूप से खाद का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में एक दिन में 3 हजार मीट्रिक टन से अधिक खाद वितरित की गई है और सभी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा रही है। डीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसी भी किसान को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। डीएम ने आगे बताया कि प्रशासन खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रख रहा है। डायवर्जन, टैगिंग, ओवररेटिंग और कालाबाजारी रोकने के लिए एक प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अब तक निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचने और कालाबाजारी करने वाले कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी यदि कोई दुकानदार अनियमितता करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बाराबंकी में खाद संकट से किसान परेशान:डीएम बोले- कमी नहीं, कालाबाजारी करने वालों पर FIR दर्ज