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संभल जिला प्रशासन सावन माह में निकलने वाली पारंपरिक कांवड़ यात्रा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा और निगरानी के लिए जिले को 5 जोन और 16 सेक्टर में बांटा गया है। करीब 40 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन के लिए 85 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बुधवार को बताया कि कांवड़ यात्रा के शांतिपूर्ण और सुरक्षित संचालन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाने के लिए प्रमुख मंदिरों के पुजारियों, धार्मिक प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध लोगों के साथ बैठकें कर उनकी राय ली गई है। डीएम के अनुसार, कांवड़ मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल, सड़क मरम्मत, मोबाइल टॉयलेट और कांवड़ शिविरों जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। यात्रा के दौरान डीजे और अन्य व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई है। जिले के थाना, सर्कल और तहसील स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित कर तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन पिछले वर्ष की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाते हुए इस बार भी व्यापक इंतजाम कर रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के उपयोग पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। सभी अधिकारियों को अपने क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने और कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। ईओ, बीडीओ और कार्यदायी संस्थाओं को भी कांवड़ यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि इस बार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बुधवार को गुन्नौर सीओ अंकित मिश्रा और एसडीएम अवधेश कुमार ने कांवड़ यात्रा के दौरान जल लेने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गंगा घाटों का निरीक्षण किया।
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संभल में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट:5 जोन, 16 सेक्टर में बंटा जिला; 85 मजिस्ट्रेट तैनात