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कौशांबी जिला मुख्यालय में मंगलवार सुबह हुई पहली बारिश ने नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी। कुछ ही देर की बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों के घरों में पानी घुस गया। सड़कों और गलियों में गंदा पानी भरने से आवागमन बाधित हुआ, खासकर स्कूली बच्चों और राहगीरों को परेशानी हुई। बारिश के बाद जिला मुख्यालय की कई सड़कें और गलियां पानी से लबालब हो गईं। नालियों की सफाई और बेहतर जल निकासी के नगर पालिका के दावों के बावजूद, बारिश का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। कई मोहल्लों में गंदा पानी घरों में घुसने से निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण स्कूली बच्चों और राहगीरों को भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल बारिश में ऐसी ही स्थिति बनती है, लेकिन नगर पालिका इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं कर पा रही है। इस जलभराव के बीच एक अनोखा दृश्य भी देखने को मिला, जहां गली में जमा पानी बंदरों के लिए खेल का मैदान बन गया। बंदर पानी में उछल-कूद करते नजर आए, जो एक ओर मनोरंजन का कारण बना, वहीं दूसरी ओर जल निकासी की खराब व्यवस्था पर सवाल भी खड़े करता है। हालांकि, सुबह हुई तेज बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। बारिश से पहले कौशांबी का तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस था, जो अब न्यूनतम 26 से 28 डिग्री और अधिकतम 30 से 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सप्ताह में भी मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।
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कौशांबी में पहली बारिश ने खोली नगर पालिका के दावों:जलभराव से घरों में घुसा पानी, तापमान में 5 डिग्री की गिरावट