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11 हजार वोल्ट की लाइन (हाईटेंशन लाइन) में करंट उतरने से अब तक दो गायों, एक घोड़े और कई चिड़ियों की मौत हो चुकी है। सड़क 10-12 साल से टूटी पड़ी है। प्रशासन (पीडीए और नगर निगम) समस्या हल करने के बजाय जिम्मेदारी एक-दूसरे पर टालता रहता है…। ये नाराजगी कानपुर नगर निगम के वार्ड-23 सदियाबाद के लोगों की है। दरअसल, वार्ड में खुले में रखे ट्रांसफार्मर की ग्रिल में हाईटेंशन करंट उतरने से मवेशियों व पक्षियों की जानें जा चुकी हैं। इससे लोगों में बड़े हादसे का डर बना रहता है। इसके अलावा वार्ड की ज्यादातर सड़कें जर्जर हैं। सफाई व्यवस्था भी खराब है। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जलनिकासी नहीं है, चारों तरफ गंदगी है। पीने का पानी समय पर नहीं आता। बिजली गुल होने का कोई समय नहीं। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में वार्ड-23 का जायजा लिया गया… संगम चौराहे के पास कचरे से पटा नाला मिला। वार्ड के कई खुले स्थानों पर कूड़ा फेंका जाता नजर आया। कई सड़कें पिछले 10 वर्षों से टूटी पड़ी हैं। कॉलोनियों के खाली प्लॉट कूड़ा डंपिंग स्थल में तब्दील हो चुके हैं। वहीं शिव चौराहे पर खुले ट्रांसफॉर्मर और हाईटेंशन तार हादसे का खतरा बढ़ाते मिले। पहले ये नजारा देखिए… जाम नालियां और कूड़े से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा संगम चौराहे के पास नाला कचरे और मलबे से पटा मिला। कई स्थानों पर नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। बारिश के दौरान गंदा पानी सड़कों पर भर जाता है, जिससे बदबू, मच्छर और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कॉलोनियों के खाली प्लॉट अस्थायी कूड़ा डंपिंग स्थल बन चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित कूड़ा उठान नहीं होने से गंदगी लगातार बढ़ रही है। 10 साल से टूटी सड़कें, विकास कार्य अधूरे वार्ड के कई मोहल्लों में सड़कें वर्षों से खस्ताहाल हैं। सीवर लाइन डालने के बाद कई जगह सड़कें दोबारा नहीं बनाई गईं। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है और लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में आज भी पक्की सड़क और बेहतर जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। संकरी गलियां बनीं आपातकाल में बड़ी चुनौती ओम गायत्री नगर की कई गलियां इतनी संकरी हैं कि फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस तक नहीं पहुंच सकती। अंधे मोड़ और सड़क पर खड़े वाहनों के कारण आवाजाही भी प्रभावित रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं करते। वार्ड की बड़ी समस्याएं जाम नालियां और जलभराव: नालियां कचरे और मलबे से भरी हैं। बारिश में पूरे इलाके में पानी भर जाता है। कूड़ा प्रबंधन बदहाल: खाली प्लॉट और सड़क किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। नियमित उठान नहीं होता। टूटी सड़कें: कई मोहल्लों की सड़कें 10-12 वर्षों से जर्जर हैं। बिजली कटौती और असुरक्षित ट्रांसफॉर्मर: घंटों बिजली गुल रहती है। खुले ट्रांसफॉर्मर और हाईटेंशन लाइन हादसों का कारण बन रहे हैं। संकरी गलियां: कई इलाकों में एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड तक नहीं पहुंच सकती। बिजली कटते ही बंद हो जाती है पानी की सप्लाई इलाके में लगातार बिजली कटौती सबसे बड़ी समस्या बन गई है। लोगों का कहना है कि बिजली जाने के साथ ही पानी की सप्लाई भी ठप हो जाती है, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। शिव चौराहे पर खुले ट्रांसफॉर्मर और हाईटेंशन तार लोगों और जानवरों के लिए खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक करंट उतरने से दो गायों, एक घोड़े और कई पक्षियों की मौत हो चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। —————– ये खबर भी पढ़िए… रास्ते बन जाते दलदल, दरवाजे पर करंट का खतरा:वार्ड-7 के लोग बोले- बरसात में कोई इमरजेंसी हुई तो एंबुलेंस भी नहीं आ पाएगी बरसात में एंबुलेंस तक नहीं पहुंच सकती, सड़क दलदल बन जाती है। बिजली का तार दरवाजे के सामने लटका है, घर से निकलने में डर लगता है। बारिश में लोग फिसलकर खुले नाले में गिर जाते हैं। ओम नगर से ब्लड बैंक तक हर साल 10-15 दिन पानी भरा रहता है, लोग घरों में कैद हो जाते हैं…। वार्ड-7 राजापुर के ये हालात यहां रहने वालों ने खुद बताए हैं। इसी वार्ड में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े हजारों छात्र किराए पर मकान लेकर रहते हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी गंदगी में रहकर छात्रों को तैयारी करना भी मुश्किल होता है। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान विकास के दावे हकीकत से कोसों दूर नजर आए। यहां आवारा पशु बड़ी संख्या में विचरण करते नजर आते हैं। उनकी वजह से कुछ गलियों का नाम ही गोबर गली पड़ गया है। पूरी खबर पढ़ें… —————– ये खबर भी पढ़िए… सड़क नहीं बनी, 15 साल से टेंडर पास हो रहा…:वार्ड-80 के लोगों का आरोप, बोले- न गंदगी हटी न सीवर की समस्या खत्म हुई 15 साल से सुन रहे हैं कि सड़क का टेंडर पास हो गया, लेकिन आज तक सड़क नहीं बनी…। यह दर्द प्रयागराज के वार्ड-80 मोहत्सिमगंज के लोगों का है। यहां जाम सीवर, गंदा पानी, कूड़े के ढेर से लोग परेशान हैं। खुले ट्रांसफॉर्मर और बिजली के लटके तारों से हादसे का खतरा भी उन पर मंडराता रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न सफाई व्यवस्था सुधरी, न सड़क और सीवर की समस्या खत्म हुई। जबकि पार्षद का कहना है कि वार्ड में कई कार्य करवाए हैं। सड़क का भी टेंडर हो गया है। जल्द बननी शुरू हो जाएगी। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं। उन्होंने कहा किसफाई कर्मचारी आते हैं, लेकिन काम कहीं और करने चले जाते हैं। शिकायत और तस्वीरें भेजने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। पूरी खबर पढ़ें…
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दो गाय, एक घोड़ा और कई चिड़ियां करंट से मरीं:वार्ड-23 का जानलेवा ट्रांसफार्मर बना मुसीबत; सड़कें टूटीं, गलियों में गंदगी