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फर्रुखाबाद के राष्ट्रवादी खटिक विकास समिति की ओर से सोमवार दोपहर एक बजे खटिक समाज के बुद्धिजीवियों का सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में ‘चक’ उपनाम वाले लोगों को अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाणपत्र जारी न किए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त डीजीपी एसएन चक ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समाज को उसके संवैधानिक अधिकार नहीं मिले तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब मतदान के जरिए दिया जाएगा। सम्मेलन को संबोधित करते हुए एस.एन. चक ने कहा कि ‘चक’ उपनाम का उपयोग करने वाले खटिक समाज के लोगों को अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र नहीं मिल रहा है, जबकि वर्ष 2003 में हुए सर्वेक्षण में इस संबंध में सिफारिशें की गई थीं। उनका आरोप था कि वर्षों बीत जाने के बाद भी सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा, जो खटिक समाज के नहीं, खटिक समाज उनका नहीं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समाज की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और अधिकारों की अनदेखी जारी रही, तो आगामी विधानसभा चुनाव में खटिक समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय देगा। सम्मेलन में वक्ताओं ने सामाजिक एकजुटता पर जोर दिया और विभिन्न सामाजिक व संवैधानिक मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान खटिक समाज ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के संघर्ष का भी समर्थन जताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला अध्यक्ष श्रवण कुमार चक उर्फ पप्पू फोरमैन के नेतृत्व में हुआ। संचालन राष्ट्रीय महामंत्री सुशील चक ने किया। सम्मेलन में राजकिशोर चक, आनंद बाबू, डॉ. प्रेमचंद्र, राधेश्याम सेजवार, गिरीश आजाद, डॉ. अशोक तामरे, विष्णु खटिक, उमाशंकर, आशाराम, सतीश धारिया, विवेक और जनकराम सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारी एवं बुद्धिजीवी मौजूद रहे।
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फर्रुखाबाद में खटिक समाज का सम्मेलन:'चक' उपनाम पर एससी प्रमाणपत्र का मुद्दा उठा, 2027 चुनाव में जवाब देने की चेतावनी