जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग में अव्यवस्था पर नगरायुक्त सख्त:3 घंटे की जांच में खुलीं खामियां, एक कर्मचारी निलंबित; पूरी टीम बदलेगी


फिरोजाबाद नगर निगम के जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर नगरायुक्त प्रशांत नागर ने शनिवार को औचक निरीक्षण किया। करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में रिकॉर्ड और लंबित आवेदनों की गहन समीक्षा के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। जनवरी माह से लंबित पड़े आवेदन, रिकॉर्ड प्रबंधन में लापरवाही और आम नागरिकों को हो रही परेशानी पर नगरायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि पूरे अनुभाग की टीम बदलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। निरीक्षण में पाया गया कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित कई आवेदन महीनों से लंबित पड़े हैं। रजिस्टर आधारित व्यवस्था के कारण किसी भी फाइल को खोजने में काफी समय लग रहा है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें प्रमाणपत्र के लिए बार-बार नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। रिकॉर्ड होगा डिजिटल, नाम डालते ही मिलेगी फाइल की जानकारी नगरायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे रिकॉर्ड को एक्सेल आधारित डिजिटल सिस्टम पर तत्काल फीड किया जाए। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद केवल नाम टाइप करते ही यह जानकारी मिल जाएगी कि संबंधित फाइल किस अधिकारी, सुपरवाइजर, एसडीएम या सीएमओ कार्यालय के पास लंबित है। इससे फाइलों की ट्रैकिंग आसान होगी और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। ‘व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए जाएंगे’ नगरायुक्त प्रशांत नागर ने स्पष्ट किया कि वर्तमान कार्यप्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र अनुभाग की कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव किए जाएंगे और पूरी टीम को भी बदला जाएगा, ताकि लोगों को समय पर प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा सकें। छह महीने बाद भी नहीं मिला जन्म प्रमाणपत्र सोफीपुर छारबाग निवासी शिवम ने बताया कि उन्होंने 27 जनवरी को जन्म प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक प्रमाणपत्र जारी नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि अधिकारी और कर्मचारी लगातार उन्हें चक्कर लगवा रहे हैं तथा फोन भी नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि प्रमाणपत्र में देरी के कारण बच्चों के स्कूल में प्रवेश जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। 24 घंटे की जगह महीनों लग रहे, पार्षद ने भी उठाया मुद्दा स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र 24 घंटे के भीतर जारी हो जाते थे, लेकिन अब आवेदन नगर निगम से एसडीएम और फिर सीएमओ कार्यालय भेजे जाने की लंबी प्रक्रिया के कारण महीनों तक लंबित रहते हैं। निरीक्षण के दौरान पार्षद नरेश शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र अनुभाग में व्याप्त अव्यवस्थाओं की ओर नगरायुक्त का ध्यान आकर्षित करते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।

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