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बदायूं में शनिवार को एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) का संकट समाप्त हो गया है। शासन से 1000 वायल की खेप मिलने के बाद सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर एआरवी उपलब्ध करा दी गई है। इसके साथ ही टीकाकरण व्यवस्था फिर से सुचारू हो गई है। पिछले कई दिनों से जिले के अधिकांश सीएचसी पर वैक्सीन का स्टॉक खत्म था, जिससे एंटी रेबीज टीकाकरण बुरी तरह प्रभावित हुआ। मरीजों को 30 से 70 किलोमीटर तक का सफर तय कर जिला अस्पताल आना पड़ रहा था। गर्मी के मौसम में आवारा कुत्तों और बंदरों के काटने के मामलों में बढ़ोतरी के कारण जिला अस्पताल में रोजाना 500 से अधिक मरीज एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे थे। इससे अस्पताल की ओपीडी और टीकाकरण केंद्र पर भारी दबाव बन गया था, और मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन न मिलने पर कई मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर या अस्पतालों का रुख करना पड़ा, जहां वैक्सीन की कीमत अधिक होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इलाज कराना मुश्किल था। स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीन की कमी के बारे में शासन को सूचित किया था। इस सूचना के बाद जिले को 1000 वायल की खेप उपलब्ध कराई गई। खेप मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक वैक्सीन पहुंचा दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि शासन से 1000 वायल प्राप्त हो गई हैं और इन्हें सभी सीएचसी पर भेज दिया गया है। एंटी रेबीज टीकाकरण नियमित रूप से शुरू हो गया है। जल्द ही वैक्सीन की एक और खेप मिलने की संभावना है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की कमी नहीं होगी।
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बदायूं में एंटी रेबीज वैक्सीन का संकट खत्म:1000 वायल पहुंचीं, सीएचसी पर टीकाकरण फिर शुरू