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बांदा में एक अधिवक्ता ने पुलिस चौकी में तैनात उपनिरीक्षक दीपक कुमार सैनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अधिवक्ता का कहना है कि जमानतदार के सत्यापन के लिए पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। पैसे न देने पर जमानतदार से मारपीट की गई और उन्हें घंटों चौकी में बैठाकर जातिसूचक गालियां दी गईं। इस मामले में अधिवक्ता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ता संदीप वर्मा द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, यह घटना 15 जुलाई 2026 को हुई। अधिवक्ता एक अभियुक्त के जमानतदार का सत्यापन कराने के लिए जमानतदार के साथ चौकी कृषि विश्वविद्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि सत्यापन के बदले उपनिरीक्षक दीपक कुमार सैनी ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। जब अधिवक्ता ने पैसे देने से इनकार करते हुए मौके पर जाकर सत्यापन करने की बात कही, तो पुलिसकर्मी नाराज हो गए। अभद्र व्यवहार किया और जातिसूचक टिप्पणियां कीं शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद जमानतदार के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई, तथा उसे एक कमरे में बैठा लिया गया। अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके साथ भी अभद्रता की गई, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। अधिवक्ता के अनुसार, उन्हें सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चौकी में बैठाए रखा गया। अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि बाद में उन पर दबाव बनाकर एक वीडियो बनवाया गया और धमकी दी गई कि यदि पुलिस की बात नहीं मानी तो उन्हें झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि चौकी में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जातिसूचक टिप्पणियां कीं। पीड़ित अधिवक्ता ने पुलिस अधीक्षक से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने संज्ञान लेते हुए सीओ सिटी को जांच के आदेश दिए हैं।
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अधिवक्ता से मारपीट, जातिसूचक गाली का आरोप:बांदा में वकीलों ने एसपी से की शिकायत, जांच के आदेश