पेंशनर बोले- प्रशसन और नेताओं का व्यवहार इमरजेंसी जैसा:युनाइटेड फोरम ऑफ़ पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने मांगें दोहराईं


प्रयागराज में युनाइटेड फोरम ऑफ़ पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक राजेश यादव के नेतृत्व में हुई। सत्येंद्र बहादुर सिंह ने एसोसिएशन की एकता पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान में प्रशासन और नेताओं का व्यवहार अघोषित इमरजेंसी जैसा है। राजेश कुमार ने आने वाले 29 सितंबर के धरने को सफल बनाने को रणनीति तैयार करने की बात कही।
योगेंद्र कुमार पांडे और प्रकाश कुमार ने कहा कि पार्सल विभाग का निजीकरण किया गया है, इसे तत्काल सार्वजनिक क्षेत्र को वापस किया जाए, यह नौजवानों के हित में नहीं है। कहा कि इस तरह से नौजवानों के लिए नौकरियों के अवसर निरंतर कम होते चले जाएंगे, उन्हें आउटसोर्सिंग के कुचक्र में फंसकर शोषित होने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। 29 सितंबर को 24 घंटे का धरना वक्ताओं ने वरिष्ठ नागरिकों को पूर्व में दी जाने वाली रियायतें तत्काल बहाल किए जाने की मांग की। ऐलान किया कि 29 सितंबर को 24 घंटे का धरना होगा। संजय मजूमदार, रामकिशोर और योगेंद्र पांडे ने सुंदर गीत गाए और उन्हें संगठन की ओर से राजेश यादव द्वारा माल्यार्पित किया गया। राजेश यादव ने कहा कि यदि एनपीएस बहुत अच्छी है तो समस्त पूर्व, वर्तमान राजनेता इसे स्वीकार क्यों नहीं करते हैं। रमेश कुमार, मोहम्मद तारीफ, गिरीश चंद यादव, राजू, द्वारका प्रसाद, अंसार अहमद, अबरार अहमद, रमेश, विश्वनाथ प्रजापति, घनश्याम, रामलाल पटेल, राजू, वीरेंद्र कुमार पांडे, जावेद अख्तर ने अपनी बात रखी।

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