नए लुक में तैयार हुआ ऐशबाग जंक्शन:अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बदली तस्वीर, 24.13 करोड़ रुपए खर्च किए


उत्तर पूर्व रेलवे के लखनऊ मंडल का ऐशबाग जंक्शन अब नए और आधुनिक स्वरूप में यात्रियों के लिए तैयार है। रेलवे मंत्रालय की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 24.13 करोड़ रुपए की लागत से स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था और आकर्षक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। यहां प्रतिदिन करीब 50 ट्रेनों का ठहराव होता है, जबकि एक ट्रेन का संचालन यहीं से शुरू होता है और एक ट्रेन का समापन भी इसी स्टेशन पर होता है। सिर्फ रंग-रोगन नहीं, पूरे स्टेशन का बदला स्वरूप पुनर्विकास के दौरान स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म, प्रवेश द्वार और बाहरी परिसर को नए सिरे से विकसित किया गया है। स्टेशन परिसर का विस्तार करने के साथ ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार किया गया है ताकि स्टेशन के बाहर जाम की समस्या कम हो और यात्रियों की आवाजाही आसान हो सके। स्टेशन पर करीब 5,500 वर्गमीटर क्षेत्र में नई पार्किंग विकसित की गई है। इसके अलावा 4,300 वर्गमीटर क्षेत्र में हरित पार्क और लैंडस्केपिंग की गई है। आइए जानते हैं यात्रियों के लिए क्या-क्या बदला? स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं। प्लेटफॉर्म पर आधुनिक फ्लोरिंग बिछाई गई है। पुराने शौचालयों की जगह आधुनिक और बेहतर सुविधाओं वाले शौचालय बनाए गए हैं। यात्रियों को प्लेटफॉर्म और अन्य स्थानों की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए पूरे स्टेशन पर एलईडी आधारित डिजिटल साइन बोर्ड लगाए गए हैं। स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वारों पर काउ कैचर लगाए गए हैं, जिससे मवेशियों के प्रवेश पर रोक लगेगी और ट्रेनों के संचालन में सुरक्षा बढ़ेगी। नया फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट और एस्केलेटर से आसान होगा सफर पुनर्विकास की सबसे बड़ी विशेषताओं में 6 मीटर चौड़ा नया फुटओवर ब्रिज (एफओबी) शामिल है, जो स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वारों को जोड़ता है। इस पर लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए गए हैं, जिससे बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और भारी सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में आसानी होगी। हर दिन हजारों यात्रियों को मिलेगा फायदा ऐशबाग जंक्शन लखनऊ का प्रमुख रेलवे स्टेशन है। यहां से उत्तर प्रदेश के कई शहरों के अलावा उत्तराखंड और अन्य राज्यों के लिए ट्रेनों का संचालन होता है। वर्तमान में यहां करीब 50 ट्रेनों का नियमित ठहराव है। इसके अलावा एक ट्रेन यहीं से रवाना होती है और एक ट्रेन का अंतिम स्टेशन भी ऐशबाग जंक्शन है। स्टेशन के आधुनिक बनने से प्रतिदिन आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

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