Latur NEET Paper Leak Case

लातूर7 मिनट पहले

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शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को 19 मई को दिल्ली की कोर्ट में पेश किया गया था। - Dainik Bhaskar

शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को 19 मई को दिल्ली की कोर्ट में पेश किया गया था।

CBI ने बुधवार को कहा कि नीट पेपर लीक मामले में कोचिंग सेंटर मालिक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने केमिस्ट्री के पेपर के लिए 5 लाख रुपए दिए थे।

CBI ने एक विशेष अदालत को मोटेगांवकर की बेल याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि उसने NTA क्वेश्चन पेपर बनाने वाले पैनल पर मौजूद पी. वी. कुलकर्णी को 5 लाख रुपए दिए। मोटेगांवकर का बेटा कुलकर्णी की कोचिंग क्लास भी जाता था।

एजेंसी ने कहा कि मोटेगांवकर ने कुलकर्णी की केमिस्ट्री ट्यूटोरियल क्लासेस में दिए गए पेपर से हैंड रिटन नोट्स तैयार किए थे।

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया।

CBI ने मोटेगांवकर का फोन बरामद किया

सीबीआई ने मोटेगांवकर का फोन बरामद किया है, जिसमें रसायन केमिस्ट्री के 132 हाथ से लिखे प्रश्नों वाली 36 तस्वीरें (पांच डुप्लिकेट तस्वीरें) मिली हैं। सीबीआई ने अपने जवाब में कहा कि जांच में पाया गया है कि इनमें से 111 प्रश्न नीट (यूजी) 2026 के लिए तैयार किए गए एनटीए के मास्टर प्रश्न सेट से मेल खाते हैं।

लातूर का कोचिंग डायरेक्टर पहले पार्ट-टाइम टीचर, आज ₹1500 करोड़ की संपत्ति

NEET पेपर लीक केस में नए खुलासे हुए हैं। CBI को सुराग मिले हैं कि पिछले साल भी NEET का पेपर परीक्षा से पहले महाराष्ट्र के लातूर स्थित रेनुकाई करियर सेंटर (RCC) तक पहुंचा था।

कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की पेपर लीक नेटवर्क से पुरानी सांठगांठ भी सामने आई है। उसकी नेटवर्थ ₹1500 करोड़ बताई जा रही है।

भास्कर ने इस कोचिंग में पढ़ने वाले NEET 2025 में सफल छात्रों की पड़ताल की। इसमें 19 छात्रों का AIIMS में सिलेक्शन हुआ था।

2 छात्रों का AIIMS दिल्ली, 5 का हैदराबाद और 3-3 का भोपाल व वाराणसी AIIMS में सिलेक्शन हुआ। नागपुर, देवघर, गोरखपुर, राजकोट, रायपुर और मंगलगिरी AIIMS में भी एक-एक छात्र पहुंचे।

मोटेगांवकर अमीर और पढ़ाई में बेहतर छात्रों को टारगेट करता था

सूत्रों के मुताबिक मोटेगांवकर ऐसे छात्रों को निशाना बनाता था, जो आर्थिक रूप से मजबूत हों और पढ़ाई में औसत से बेहतर हों। परिजनों से डील के बाद इन्हें रेगुलर बैच में शामिल किया जाता था।

परीक्षा से पहले आखिरी 15 दिनों में ‘वन-ऑन-वन मेंटरिंग कोर्स’ चलता था। पेपर मिलते ही इन छात्रों को सवाल-जवाब रटवाए जाते थे। CBI को इससे जुड़े कई वीडियो भी मिले हैं।

CBI के मुताबिक मोटेगांवकर कई साल से पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे के जरिए प्रो. पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांढरे के संपर्क में था।

नेटवर्क में शामिल गुरुग्राम के यश यादव ने जयपुर के विकास बिवाल को NEET पेपर बेचा था। उसे पेपर नासिक के शुभम खैरनार से मिला था।

शिवराज का VIDEO वायरल

शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर का एक वीडियो भी वायरल है। इसमें वो अपने कोचिंग सेंटर की कुछ स्टूडेंट्स से एग्जाम पर चर्चा करता नजर आ रहा है। वीडियो में वह मराठी में स्टूडेंट्स से एग्जाम के बारे में पूछता है। इस पर एक स्टूडेंट्स बोलती है- हां मॉक टेस्ट वाले सभी सवाल एग्जाम में आए थे।

इस मामले में एक नया नाम जुड़ा है। CBI को अब विवेक पाटिल नाम के व्यक्ति की तलाश है। शिवराज की ही गैंग ने विवेक को लीक पेपर उपलब्ध कराया था। साथ ही बड़े कोचिंग माफिया और NTA के कई अधिकारियों की भी मिलीभगत की बात कही जा रही है।

CBI को उन लोगों की भी तलाश है, जिन्हें शिवराज ने लिखित पेपर और आंसर की उपलब्ध कराई थी। यह भी जानकारी सामने आई है कि पुणे से गिरफ्तार केमिस्ट्री प्रो. पीवी कुलकर्णी शिवराज की कोचिंग RCC में पढ़ा चुका है।

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