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बस्ती के चर्चित कबीर तिवारी हत्याकांड में फरार चल रहे सात आरोपियों के खिलाफ अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए)/ईसी एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने आरोपियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही थाना कोतवाली पुलिस को 14 अगस्त 2026 तक कुर्की की कार्रवाई की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अदालत के आदेश के अनुसार, आरोपी अमन प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, मोहम्मद शाद उर्फ सद्धू, अवनीश सिंह, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद समीर और साहिल सिंह लगातार न्यायालय में पेश नहीं हो रहे हैं। उनकी ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं का हवाला देते हुए सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, न्यायालय ने यह प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से मामले में कोई स्थगन आदेश (स्टे) जारी नहीं किया गया है। ऐसे में सुनवाई टालने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपियों को पहले दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 319 के तहत तलब किया जा चुका है, लेकिन वे जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया से बच रहे हैं। वादी पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि मुकदमे को प्रभावित करने के उद्देश्य से प्रत्यक्षदर्शी गवाहों को धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि आरोपियों के खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है और उनकी फरारी की सूचना राष्ट्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई जा चुकी है। इसके बावजूद आरोपी न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इन परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 83 के तहत सातों फरार आरोपियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। अब कोतवाली पुलिस आरोपियों की संपत्तियों का विवरण जुटाकर कुर्की की कार्रवाई करेगी और 14 अगस्त 2026 तक उसकी विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करेगी।
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कबीर हत्याकांड: 7 आरोपियों की संपत्ति होगी कुर्क:बस्ती में कोर्ट का आदेश, 14 अगस्त तक पुलिस से मांगी रिपोर्ट