![]()
महाराजगंज के सिसवा नगरपालिका के इंदिरा नगर वार्ड निवासी युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र स्थित नोवोटेल में एक राहुल की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। सुबह से दरवाजा न खुलने पर होटल कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी तो राहुल अचेत अवस्था में बेड पर पड़े मिले। पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल की जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। राहुल सिंह (22) युवा साइंटिस्ट थे। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे विभूति खंड स्थित नोवोटेल होटल में आकर रुके थे। मंगलवार सुबह चेक आउट के समय जब नहीं निकले तो उनकी मौत की जानकारी हुई। राहुल ने बैटरी से चलने वाला इको फ्रेंडली ट्रैक्टर बनाया था। वो भारत सरकार के अधीन वैज्ञानिक पद पर कार्यरत थे। उनका सिसवा में ड्रोन आईओटी लैब टेस्टिंग सेंटर की स्थापना कराने का सपना था। जिसमें स्थानीय छात्रों को विशेष लाभ मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ने की बात बताई थी। इसका खुलासा राहुल ने विगत 13 जुलाई 2022 को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में किया था। राहुल का कहना था कि सिसवा क्षेत्र का नाम रोशन करना उनका मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए अपने निजी फंडिंग से बहुत जल्द सिसवा में ड्रोन आईओटी लैब टेस्टिंग सेंटर की स्थापना कराएंगे। जिसमें स्थानीय छात्रों को विशेष लाभ मिलेगा। राहुल ने बताया था कि इस टेस्टिंग लैब में दो फेज़ होंगे। जिसमें फेज़ एक में कक्षा छह से बारह तक तथा फेज़ दो में बारहवीं से स्नातकोत्तर तक के छात्रों को ट्रेनिंग दिया जाएगा। इसके अलावा लैब में देश के नामी गिरामी वैज्ञानिक भी समय-समय पर शिरकत करेंगे। इस टेस्टिंग लैब से दो तरह से फायदा होगा। एक तो वैज्ञानिक बनने का लक्ष्य बनाने वाले यहां के छात्रों को लाभ मिलेगा साथ ही इस क्षेत्र में रोज़गार के अवसर भी बढ़ेंगे। दो तस्वीरें देखिए मां बार-बार बेहोश हो रही राहुल के पिता संजय सिंह किसान हैं। उनकी मां रासमुनी देवी बेटे की मौत से सदमे में हैं। वह बार-बार बेहोश हो रही हैं। घर में बड़े भाई रोहित सिंह, बहन निशु सिंह हैं। राहुल सबसे छोटे भाई थे। राहुल के मौत की खबर के बाद से मां रासमुनि और बहन निशु का जहां रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं वार्ड में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। राहुल सिंह बचपन से ही होनहार रहे हैं। बाल्यवस्था में ही पढ़ाई के दौरान उन्होंने तमाम उपकरणों का ईजाद किया था। राहुल ने वर्ष 2018 में रोटी मेकर, 2019 में बैटरी चालित इको फ्रेंडली साइकिल, तथा वर्ष 2020 में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में बैट्री चालित इको फ्रेंडली ट्रैक्टर बनाकर पहला स्थान प्राप्त किया था। इसके अलावा राहुल ने एक ऐसे ड्रोन का अविष्कार किया था, जो किसानों के लिए खाद व कीटनाशक छिड़काव में सहयोग करती थी। विगत सात वर्ष पूर्व अपनी खुद की प्रतिभा की बदौलत प्रदेश सरकार की संस्तुति पर राहुल का चयन भारत सरकार के अधीन एक संस्था में वैज्ञानिक पद हुआ था। एक माह से किसी अंजाने भय से ग्रसित थे राहुल सिसवा के इंदिरा नगर वार्ड में दबी जुबान से यह चर्चा बनी हुई है कि राहुल किसी धमकी और अंजाने भय से परेशान थे। जिसको लेकर वे विगत एक माह से परेशान चल रहे थे। हालांकि परिजन इस संदर्भ में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। लेकिन इस बात की चर्चा सिसवा क्षेत्र में बनी हुई है।
Source link
महराजगंज के युवा वैज्ञानिक राहुल की लखनऊ में मौत:साइंस फेस्टिवल में फर्स्ट आए थे, पिता के लिए बनाया था ईको फ्रेंडली ट्रैक्टर