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औरैया के नगर पालिका इंटर कॉलेज में बुधवार सुबह शिल्प प्रदर्शन एवं शिल्प जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अपेक्षा महिला एवं बाल विकास समिति, औरैया द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 50 बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि असिस्टेंट डायरेक्टर रंजीत कुमार थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हस्तशिल्प और कौशल विकास युवाओं, विशेषकर बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने जोर दिया कि भले ही कोई स्वयं हस्तशिल्प न बना पाए, लेकिन उसे किसी न किसी हस्तशिल्प की कला, परंपरा और शिल्पकारों के परिश्रम का सम्मान अवश्य करना चाहिए। इस अवसर पर नगर पालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सुनील कुमार, अध्यापिका शुभिका और प्रदीप दुबे भी उपस्थित रहे। इत्र नगरी कन्नौज से आए अनुभवी शिल्पकार रामशंकर दोहरे, मोहम्मद शरीफ और मोहम्मद मुर्सलीन ने बालिकाओं को शिल्प कला, हस्तनिर्मित उत्पादों की विशेषताओं, निर्माण प्रक्रिया, विपणन और स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बालिकाओं को कौशल सीखकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। अपेक्षा महिला एवं बाल विकास समिति, औरैया की सचिव रीना पांडेय ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बालिका में कोई न कोई विशेष प्रतिभा और कौशल होता है, जिसे पहचानने, निखारने और सही दिशा देने की आवश्यकता है। उन्होंने बालिकाओं से कौशल आधारित प्रशिक्षण से जुड़ने, अपने हुनर को स्वरोजगार का माध्यम बनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि समिति महिलाओं और बालिकाओं के कौशल विकास, उद्यमिता और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इससे बालिकाओं ने पारंपरिक हस्तशिल्प के महत्व, रोजगार की संभावनाओं और स्थानीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। अपेक्षा महिला एवं बाल विकास समिति ने भविष्य में भी महिलाओं और बालिकाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
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औरैया कॉलेज में शिल्प प्रदर्शन, जागरूकता कार्यक्रम:50 बालिकाओं ने लिया भाग, आत्मनिर्भरता पर जोर