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जिले में लगातार हो रही बारिश के बाद सर्पदंश की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले तीन दिनों में जिले में सर्पदंश के 42 मामले सामने आए हैं। बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भर गया है और जमीन के भीतर उमस बढ़ गई है। इसके चलते विषैले सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में बाहर निकल रहे हैं। इससे खेतों, घरों और आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों के संपर्क में आने की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में कोबरा, करैत और वाइपर जैसे विषैले सांपों का खतरा सबसे अधिक रहता है। कोबरा और करैत के डसने से शरीर की नसों पर असर पड़ता है, जिससे पीड़ित न्यूरो पैरालिसिस का शिकार हो सकता है। किसी भी सर्पदंश की घटना को गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। सीएमएस डॉ. पी.एन. यादव ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश होने पर सबसे पहले 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दें। पीड़ित को शांत रखें और अनावश्यक रूप से हिलने-डुलने न दें, क्योंकि इससे शरीर में जहर तेजी से फैल सकता है। काटे गए स्थान के आसपास के कपड़े या आभूषण हटा दें। घाव को साबुन और पानी से साफ कर साफ कपड़े से ढकें। बिना किसी देरी के नजदीकी अस्पताल पहुंचें। स्वास्थ्य विभाग ने बरसात के मौसम में लोगों को घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी है। खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने और रात के समय टॉर्च का उपयोग करने से सर्पदंश की घटनाओं से बचा जा सकता है।
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अम्बेडकरनगर में सर्पदंश के 42 मामले सामने आए:बारिश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी