चंडीगढ़ में कबाड़ी से कार-बाइक कटाई तो एक्शन होगा:₹5 लाख तक जुर्माना, FIR-जेल भी संभव; नए नियम लागू, ज्यादा गाड़ी वालों पर नजर


चंडीगढ़ में अब अपनी पुरानी कार या बाइक को किसी भी लोकल कबाड़ी के पास कटवाना गैरकानूनी होगा। शहर में प्रदूषण कम करने और पुराने वाहनों के वैज्ञानिक निपटारे के लिए चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (CPCC) ने केंद्र सरकार के ‘पर्यावरण (संरक्षण) (एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स) नियम, 2025’ को सख्ती से लागू कर दिया है। अब तय समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों को केवल सरकार से मान्यता प्राप्त रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) में ही स्क्रैप कराया जा सकेगा। अपनी मर्जी से किसी कबाड़ी, गैराज या अनधिकृत स्क्रैप कारोबारी के पास वाहन कटवाने पर 5 लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा FIR व जेल भी हो सकती है। CPCC की ओर से यह आदेश सोमवार (12 जुलाई) से लागू हो गए हैं। नियम से क्या-क्या बदला? 6 पॉइंट में समझिए अवैध रूप से गाड़ी काटी तो क्या होगी सजा?
बिना लाइसेंस वाहन काटना या स्क्रैप करना गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में 1 लाख से 5 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन या चोरी के वाहनों की स्क्रैपिंग पर आपराधिक मामला दर्ज होने और जेल की सजा का भी प्रावधान है। यदि किसी को आदेश पर कोई आपत्ति है तो वह CPCC कार्यालय में अपना पक्ष रख सकता है। क्यों जरूरी हुआ यह फैसला?
चंडीगढ़ में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर साल 51 हजार से अधिक नए वाहन रजिस्टर हो रहे हैं। यानी औसतन हर दिन 100 से ज्यादा नए वाहन शहर की सड़कों पर उतर रहे हैं। शहर में पंजीकृत वाहनों की संख्या 14.27 लाख से अधिक हो चुकी है, जो करीब 15 लाख आबादी के बराबर है। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक चंडीगढ़ में हर साल अनुमानित 10 हजार से 15 हजार वाहन ‘एंड-ऑफ-लाइफ’ (ELV) यानी कबाड़ होने की श्रेणी में आ जाते हैं। स्क्रैपिंग के आंकड़े भी जानिए
केंद्र सरकार की तरफ से लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक मंजूरशुदा RVSF में हर महीने 170 से 220 सरकारी और निजी वाहन स्क्रैपिंग के लिए पहुंच रहे हैं। केंद्र सरकार के मुताबिक पिछले करीब ढाई साल में 8,646 वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं। व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी लागू करने वाले छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ अग्रणी राज्यों/यूटी में शामिल रहा है।

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