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संतकबीरनगर में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कार बेचने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में पीड़ित उपभोक्ता के पक्ष में निर्णय सुनाया है। आयोग ने चार पहिया वाहन उपलब्ध न कराने और न ही रुपये लौटाने के मामले में यह आदेश दिया है। आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह और महिला सदस्य श्रीमती संतोष ने विपक्षियों को परिवादी से लिए गए चार लाख रुपये 21 अगस्त 2024 से अंतिम भुगतान तक 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 60 दिन के भीतर लौटाने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक क्षति तथा वाद व्यय के मद में 30 हजार रुपये अतिरिक्त अदा करने का भी आदेश दिया गया है। यह मामला मगहर क्षेत्र के ग्राम भैंसहिया निवासी दिलीप कुमार से जुड़ा है। उन्होंने आयोग में दाखिल परिवाद में बताया कि खलीलाबाद स्थित आदर्श सीड सेंटर के संचालक शिव प्रसाद मौर्य और उनके पुत्र विवेक मौर्य ने अगस्त 2024 में अपने नाम से पंजीकृत एक चार पहिया वाहन पांच लाख रुपये में बेचने का सौदा किया था। वाहन को मरम्मत कराने के बहाने वापस लिया दिलीप कुमार ने 21 अगस्त 2024 को चार लाख रुपये का भुगतान कर दिया था, जबकि शेष एक लाख रुपये 15 दिन के भीतर देने और वाहन का आरटीओ में हस्तांतरण कराने की बात तय हुई थी। परिवादी के अनुसार, वाहन घर ले जाने के अगले ही दिन खराब हो गया। शिकायत करने पर विपक्षियों ने वाहन को मरम्मत कराने के बहाने वापस ले लिया। इसके बाद न तो वाहन दोबारा सौंपा गया और न ही आरटीओ में उसका हस्तांतरण कराया गया। कई बार मांग करने के बावजूद चार लाख रुपये भी वापस नहीं किए गए। 11 जुलाई 2025 को विधिक नोटिस भेजने के बाद भी इस मामले का कोई समाधान नहीं निकला। सुनवाई के दौरान, आयोग ने इसे सेवा में गंभीर कमी और उपभोक्ता के साथ अनुचित व्यवहार माना। इसी आधार पर विपक्षियों को चार लाख रुपये ब्याज सहित लौटाने तथा 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति एवं वाद व्यय के रूप में अदा करने का आदेश दिया गया है।
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संतकबीरनगर में कार धोखाधड़ी पर उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला:4 लाख रुपये 10 प्रतिशत ब्याज सहित 60 दिन में लौटाने का निर्देश