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नगर निगम इस बात का इंतजार कर रहा है कि कब हमारे मकान धराशायी होंगे और हम परिवार सहित दबकर मर जाएंगे, उसके बाद यहां सड़क बनेगी। सड़क नहीं बनी थी, तभी अच्छा था…। ये गुस्सा और चिंता वार्ड-55 फतेहउलापुर के लोगों की है। उनका कहना है कि मुख्य सड़क ऊंची बना दी गई है। जिसकी वजह से घरों में पानी भर रहा है। मकानों की दीवारें दरक रही हैं। यह भी आरोप है कि वार्ड में विकास नहीं हो रहा है। रास्ते जर्जर हैं। न नाली और न ही जलनिकासी की व्यवस्था। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में लोगों ने बताया कि वार्ड की समस्याएं वर्षों पुरानी हैं, लेकिन सड़क निर्माण के बाद हालात और बिगड़ गए। इसके अलावा गंदगी, जलभराव, खुले बिजली के तार और स्ट्रीट लाइट का अभाव मुश्किलें और बढ़ा रहा है। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियानस चला रहा है, इसी कड़ी में वार्ड-55 का जायजा लिया गया… वार्ड में कई टूटी नालियों में महीनों से गंदा पानी भरा मिला। कई मकानों की छतों से सटे बिजली के खंभे और नीचे लटके तार हादसे का खतरा बढ़ाते नजर आए, जबकि कई गलियां अंधेरे में डूबी मिलीं। खाली प्लॉटों में कूड़े के ढेर और जलभराव की स्थिति दिखाई दी। कई घरों की दीवारों और लिंटर में गहरी दरारें साफ नजर आईं। वहीं इत्तेफाक नगर की कच्ची और जर्जर गलियों से होकर बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले ये नजारा देखिए… ऊंची सड़कें बनीं, घरों की नींव तक पहुंच गया पानी स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जलनिकासी की समस्या थी, लेकिन मुख्य सड़कें ऊंची बनने के बाद हालात और खराब हो गए। अब गलियां नीचे हो गई हैं और बारिश का पूरा पानी घरों की ओर आता है। कई मकानों की नींव कमजोर हो गई है और दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। कुछ परिवारों ने सुरक्षा के डर से अपने मकान खाली कर दिए हैं। गलियां कच्ची, नालियां टूटी और जलभराव स्थायी समस्या इत्तेफाक नगर और आसपास की कई गलियां आज भी कच्ची हैं। नालियां टूटी हुई हैं और उनका पानी मुख्य नालों तक नहीं पहुंचता। बारिश के बाद पानी कई दिनों तक भरा रहता है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल जाने के लिए कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। खुले बिजली के तार और अंधेरी गलियां वार्ड में कई स्थानों पर बिजली के खंभे पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। तार नीचे लटके हुए हैं और बिजली के बॉक्स खुले पड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इनमें चिंगारियां निकलती रहती हैं। अधिकांश गलियों में स्ट्रीट लाइट भी नहीं है, जिससे रात के समय अंधेरा और हादसों का खतरा बना रहता है। वार्ड की बड़ी समस्याएं जलभराव: मुख्य सड़कें ऊंची होने से बारिश का पानी घरों और गलियों में भर जाता है। मकानों में दरारें: पानी नींव तक पहुंचने से कई मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कच्ची गलियां और टूटी नालियां: अधिकांश गलियों में सड़क और नाली दोनों अधूरी हैं। खुले बिजली के तार: लटके तार और खुले बिजली बॉक्स हादसों का खतरा बने हुए हैं। सफाई व्यवस्था खराब: खाली प्लॉटों में कूड़ा और गंदगी से बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। लोग बोले- पोल कम हैं, लटक रहे बिजली के तार सरफराज ने बताया कि गलियों में पर्याप्त बिजली के खंभे नहीं हैं। तार लटके हुए हैं और स्ट्रीट लाइट न होने से पूरी गली अंधेरे में रहती है। जुबेर ने बताया कि रास्तों में पानी भरा रहने से बच्चे स्कूल जाते समय गिर जाते हैं और ई-रिक्शा तक नहीं पहुंच पाती। मोहम्मद सलमान ने आरोप लगाया कि इत्तेफाक नगर में आज भी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। न सड़क बनी, न नाली और न ही नियमित कूड़ा उठान होता है। सड़क ऊंची होने से घरों में भर रहा पानी सोनी ने बताया कि मुख्य सड़क ऊंची होने से उनका घर नीचे हो गया और बारिश का पूरा पानी मकान में भर गया। मुरसलीन ने बताया कि लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है और लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। कूड़े के ढेर और मच्छरों का आतंक खाली प्लॉटों में लंबे समय से कूड़ा डंप किया जा रहा है। जलभराव के कारण इन स्थानों पर मच्छर पनप रहे हैं और लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई और कूड़ा उठान भी नहीं होता। —————– ये खबर भी पढ़िए… DM, SSP और कमिश्नर कार्यालय वाले इलाके से विकास लापता:मेरठ के VIP वार्ड 32 सिविल लाइन में टूटी सड़कें, जाम नाले व जलभराव मेरठ नगर निगम का वार्ड-32 सिविल लाइन शहर के VIP वार्डों में शामिल है। कलेक्ट्रेट, कचहरी, डीएम, एसएसपी और कमिश्नर के कार्यालय व आवास इसी वार्ड में हैं। फिर भी विकास के मामले में बहुत पिछड़ा है। टूटी सड़कें, जाम नाले, जलभराव, गंदा पेयजल और बदहाल सार्वजनिक शौचालय यहां की पहचान बन चुके हैं। पॉश इलाके के लोग भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… —————– ये खबर भी पढ़िए… घरों में पहुंच रही दुर्गंध, सड़क पर जानवरों के झुंड:मेरठ के वार्ड-24 का हाल, लोग बोले- मेयर, सांसद, मंत्री सबसे कहा पर कुछ नहीं हुआ मेरठ का वार्ड-24 कसेरू बक्सर महापौर के वार्ड से सटा है, फिर भी यहां हालात बदहाल हैं। स्कूल के सामने कूड़ाघर बना है। बच्चे बदबू और गंदगी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। अम्हेड़ा रोड गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। आवारा पशु और कुत्ते लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। शिकायतें होती हैं, लेकिन समाधान नहीं मिलता। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय वादे किए जाते हैं। चुनाव खत्म होते ही नेता गायब हो जाते हैं। विकास के दावे बहुत हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। पूरी खबर पढ़ें…
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हमारे मकान धराशायी होंगे और हम दबकर मरेंगे…:वार्ड-55 के लोगों में डर और गुस्सा, बोले- पानी भरने से दरक रहीं छत-दीवारें