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उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष ‘CYVAJRA’ अभियान के तहत शाहजहांपुर पुलिस ने शनिवार शाम साइबर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने रात करीब नौ बजे पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने विभिन्न लोगों से करीब 22 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी। गिरफ्तार आरोपी शाहजहांपुर, गोंडा, मुरादाबाद, बरेली, नैनीताल और हल्द्वानी के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों की जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद पीड़ितों के मोबाइल में एसएमएस एपीके (APK) फाइल इंस्टॉल कराते थे। फाइल सक्रिय होते ही खाते से जुड़े ओटीपी, एसएमएस और अन्य बैंकिंग सूचनाएं उनके हैंडलर तक पहुंचने लगती थीं, जिससे खातों से रकम निकाल ली जाती थी। ठगी से प्राप्त धनराशि का कमीशन उन्हें यूएसडीटी (USDT) के रूप में मिलता था, जिसे गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। शाहजहांपुर में साइबर ठगी की विभिन्न घटनाओं के बाद दर्ज एफआईआर के आधार पर साइबर सेल, साइबर थाना, सर्विलांस सेल, एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर थाना कांट क्षेत्र से खुटारिया गांव निवासी लखविंदर, मुरादाबाद के राहुल यादव, बरेली के राशिद खान, गोंडा के देवेश उर्फ देव, नैनीताल के सईद सिद्दीकी, हल्द्वानी के वसीम समेत कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरोह के कुछ मुख्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। मामले में अब तक चार मुकदमे दर्ज किए गए हैं। एसपी सिटी देवेंद्र सिंह ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार के लालच में आकर बैंक खाते या मोबाइल संबंधी जानकारी साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना दें।
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शाहजहांपुर पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह के 9 सदस्य दबोचे:22 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा, APK फाइल भेजकर लोगों को बनाते थे निशाना