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पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार सुबह 9 बजे तक नदी में कुल 73,029 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 8 सेंटीमीटर बढ़ा है। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से 1.10 मीटर नीचे बह रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ खंड विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। शनिवार सुबह 9 बजे तक घाघरा नदी में 73,029 क्यूसेक पानी पहुंचा। इसमें गिरजा बैराज से 47,181 क्यूसेक, शारदा बैराज से 24,400 क्यूसेक और सरयू बैराज से 1,448 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। अधिकारियों के अनुसार, नेपाल से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ सकता है। तटबंधों पर निगरानी बाढ़ की आशंका को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ खंड विभाग की टीमें तटबंधों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। जिन स्थानों पर नदी का दबाव अधिक है, वहां कटान रोकने और धारा मोड़ने के लिए आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। मगरमच्छ और घड़ियाल को लेकर भी चेतावनी जलस्तर बढ़ने के साथ मगरमच्छ और घड़ियाल के बहकर गोंडा क्षेत्र में पहुंचने की घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। इसे देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं और लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन ने अगले तीन दिनों में बाढ़ की स्थिति बनने की संभावना भी जताई है। 24 घंटे निगरानी में जुटा प्रशासन अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि नेपाल से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बाढ़ खंड विभाग के अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे तटबंधों की निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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घाघरा का जलस्तर 24 घंटे में 8 सेंटीमीटर बढ़ा:नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के बाद गोंडा प्रशासन अलर्ट, तटबंधों पर निगरानी