![]()
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज स्थित सिंह हेल्थ केयर हॉस्पिटल में प्रसूता और नवजात की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, पन्नगंज थाना क्षेत्र के बेलखुरी गांव निवासी राजेश अपनी 32 वर्षीय पत्नी मीना देवी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद बाहर मौजूद दलालों ने उन्हें बहला-फुसलाकर उरमौरा स्थित सिंह हेल्थ केयर पहुंचा दिया। यहां ऑपरेशन के बाद मृत शिशु का जन्म हुआ और कुछ ही देर में प्रसूता मीना देवी की हालत भी बिगड़ गई। अस्पताल संचालक ने उन्हें आनन-फानन में वाराणसी रेफर किया, जहां चिकित्सकों ने मीना देवी को मृत घोषित कर दिया।परिजनों ने शव लेकर रॉबर्ट्सगंज के सिंह अस्पताल पहुंचे। वही घटना की सूचना मिलते ही मृतका के मायके और ससुराल पक्ष के लोग अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक अस्पताल का डॉक्टर और स्टाफ ताला लगाकर फरार हो चुका था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। निजी अस्पताल पंजीयन के नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की। मृतका के ससुर रमेश ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल के बाहर सक्रिय दलालों ने उनकी बहू को झांसा देकर सिंह हेल्थ केयर में भर्ती कराया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें सीधे किसी मान्यता प्राप्त अस्पताल भेजा जाता तो शायद आज उनकी बहू और बच्चा जीवित होते। रमेश ने अस्पताल पर लापरवाही बरतने और मौत के बाद वाराणसी रेफर कर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सिंह हेल्थ केयर अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जच्चा-बच्चा की मौत के बाद अस्पताल को सीज कर दिया गया है और संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Source link
सोनभद्र में प्रसूता-नवजात की मौत:स्वास्थ्य विभाग ने अवैध अस्पताल सील किया, दलालों पर फंसाने का आरोप