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बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी कैंडिडेट अभिषेक सिन्हा उर्फ बंटी ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि पारिवारिक कारणों की वजह से मैं चुनाव लड़ने में असमर्थ हूं। चुनाव नहीं लड़ने का लेटर प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को सौंपा है। अब पार्टी ने नए कैंडिटेट के नाम की घोषणा कर दी है। नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया है। अभिषेक ने प्रदेश अध्यक्ष को सौंपे लेटर में लिखा- मुझे भारतीय जनता पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा उप चुनाव में NDA प्रत्याशी बनाया, उसके लिए केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट करता हूं । विनम्रता के साथ आपको आग्रह करना चाहता हूं कि मैं पारिवारिक कारण से विधानसभा उप चुनाव लड़ने में असमर्थ हूं। मैं कार्यकर्ता के नाते निष्ठा पूर्वक सेवा देता रहूंगा। बताया जा रहा है कि अभिषेक ने नॉमिनेशन फॉर्म में कुछ गलत जानकारी दी है, जिससे इनका नॉमिनेशन कैंसिल हो सकता था। इसलिए पार्टी ने दबाब डालकर नामांकन वापस करवाया है। अभिषेक ने गुरुवार को नामांकन किया था। नॉमिनेशन करने के बाद अभिषेक ने कहा था पार्टी ने एक साधारण कार्यकर्ता को टिकट दिया है। नामांकन सभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावा NDA के सभी सीनियर नेता शामिल हुए थे। बीजेपी कैंडिडेट के अलावा गुरुवार को RJD प्रत्याशी रेखा गुप्ता ने नॉमिनेशन किया था। जनसुराज के प्रशांत किशोर 13 जुलाई को पर्चा भरेंगे। पीके के अलावा अन्य पार्टियों के उम्मीदवार और निर्दलीय उम्मीदवार भी नॉमिनेशन करेंगे। नामांकन की प्रक्रिया 13 जुलाई तक चलेगी। अब तक 3 लोगों ने नामांकन किया है। वहीं, नामांकन के बाद रेखा गुप्ता और अभिषेक कुमार के हलफनामे में घोषित संपत्ति, आय, कर्ज, शिक्षा और आपराधिक मामलों की जानकारी सामने आई। एक ओर राजद प्रत्याशी रेखा कुमारी और उनके पति ने 8 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति घोषित की है, जबकि परिवार पर 3 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज भी है। दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी अभिषेक कुमार ने अपने हलफनामे में बताया है कि उनके, उनकी पत्नी और आश्रित पुत्र के नाम पर कोई जमीन, मकान या फ्लैट नहीं है। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला भी दर्ज नहीं है। रेखा कुमारी के पास 8 करोड़ से अधिक की संपत्ति रेखा कुमारी ने खुद को व्यवसायी बताया है। उन्होंने अपनी आय का मुख्य स्रोत डेयरी व्यवसाय और किराये से होने वाली आय बताया है। वर्ष 2024-25 के आयकर रिटर्न के अनुसार, उनकी वार्षिक आय 6.54 लाख रुपये है। उनके पति रंजय कुमार सरकारी और निजी ठेकेदारी का काम करते हैं और उनकी घोषित वार्षिक आय 2.61 लाख रुपये है। हलफनामे के अनुसार रेखा कुमारी के नाम 81.62 लाख रुपये की चल संपत्ति और लगभग 5.46 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। वहीं उनके पति के नाम 53.83 लाख रुपये की चल संपत्ति और करीब 1.19 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है। इस तरह दोनों की कुल घोषित संपत्ति 8 करोड़ रुपये से अधिक है। सोना, चांदी, वाहन और लाइसेंसी हथियार रेखा कुमारी ने अपने हलफनामे में 500 ग्राम सोना और 1.5 किलोग्राम चांदी होने की जानकारी दी है। उनके पति के पास 100 ग्राम सोना और कीमती रत्न हैं। उनके नाम एक मारुति एस-क्रॉस कार और एक लाइसेंसी एन.पी. बोर राइफल दर्ज है, जबकि उनके पति के नाम एक हीरो मेस्ट्रो स्कूटर और एक लाइसेंसी रिवॉल्वर है। 3 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हलफनामे के अनुसार, रेखा कुमारी पर करीब 46.68 लाख रुपये का कर्ज है, जिसमें होम लोन, कैश क्रेडिट और बीमा पॉलिसियों पर लिया गया ऋण शामिल है। वहीं उनके पति पर लगभग 2.79 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है। इस प्रकार परिवार पर कुल 3 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय दायित्व है। रेखा कुमारी पर एक आपराधिक मामला भी दर्ज रेखा कुमारी ने हलफनामे में बताया है कि उनके खिलाफ पटना के कोतवाली थाना में वर्ष 2022 का एक मामला दर्ज है। यह मामला दुकानों से जुड़े संपत्ति विवाद का है और फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। अब तक इस मामले में आरोप तय नहीं हुए हैं और उन्हें किसी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है। शिक्षा की बात करें तो रेखा कुमारी स्नातक हैं। उन्होंने वर्ष 2000 में बिनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से संबद्ध राम नारायण मेमोरियल कॉलेज से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की थी। अभिषेक कुमार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं भाजपा प्रत्याशी अभिषेक कुमार के हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ देश के किसी भी न्यायालय में कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। उन्हें कभी किसी मामले में दोषी भी नहीं ठहराया गया है। इस तरह कानूनी रूप से उनका रिकॉर्ड पूरी तरह साफ है। आय में दर्ज हुई बड़ी गिरावट अभिषेक कुमार ने खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और व्यवसाय से जुड़ा बताया है। हलफनामे में दिए गए आयकर रिटर्न के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में उनकी वार्षिक आय 26.75 लाख रुपये से अधिक थी, जबकि हालिया वित्त वर्ष 2026-27 में यह घटकर 4.98 लाख रुपये रह गई है। यानी कुछ वर्षों में उनकी घोषित आय में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। उनकी पत्नी अमृता कृष्णा निजी शिक्षिका हैं। उन्होंने आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है। 20 लाख रुपये की चल संपत्ति, लेकिन अचल संपत्ति शून्य अभिषेक कुमार के पास लगभग 19.60 लाख रुपये की चल संपत्ति है, जिसमें नकद राशि, बैंक जमा, बीमा पॉलिसियां और 11 ग्राम सोने के आभूषण शामिल हैं। उनकी पत्नी के पास करीब 9.92 लाख रुपये की चल संपत्ति है, जिसमें कैश, LIC पॉलिसी और 32 ग्राम सोना, 400 ग्राम चांदी के आभूषण शामिल हैं। 10 लाख रुपये से अधिक का बैंक लोन अभिषेक कुमार ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बोरिंग रोड शाखा से लिए गए 10,02,674 रुपये से अधिक के बैंक ऋण की जानकारी भी हलफनामे में दी है। उनके परिवार पर किसी सरकारी विभाग का कोई बकाया नहीं है। हलफनामे से उभरती तस्वीर दोनों उम्मीदवारों के हलफनामे बांकीपुर विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की आर्थिक और कानूनी स्थिति की अलग-अलग तस्वीर पेश करते हैं। राजद प्रत्याशी रेखा कुमारी करोड़ों रुपये की संपत्ति, भारी बैंक कर्ज और एक लंबित आपराधिक मामले के साथ चुनाव मैदान में हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी अभिषेक कुमार ने अपने हलफनामे में कोई अचल संपत्ति नहीं होने, आय में गिरावट आने और 10 लाख रुपये से अधिक के बैंक ऋण का उल्लेख किया है, जबकि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। ऐसे में दोनों उम्मीदवारों के हलफनामे मतदाताओं के सामने उनकी आर्थिक स्थिति, वित्तीय दायित्व और कानूनी पृष्ठभूमि की स्पष्ट तस्वीर रखते हैं। पीके बोले- सम्राट चौधरी का चाल-चरित्र जनता के सामने प्रशांत किशोर ने गरुवार को सीएम पर भी तंज कसते हुए कहा, “सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद छोड़ देना चाहिए, क्योंकि जनता ने उनके नाम पर वोट नहीं दिया था। उनका चाल-चरित्र बिहार की जनता देख रही है। जबसे सीएम बने हैं वे लगातार इधर-उधर की बातें कर रहे हैं, लेकिन रोजगार, शिक्षा जैसे मुद्दों पर बात नहीं करते। उन्होंने कहा, “अगर बीजेपी को अपना ही मुख्यमंत्री बनाना है, तो किसी पढ़े-लिखे व्यक्ति को यह जिम्मेदारी देनी चाहिए।” CM का PK पर तंज, बोले- जिन्हें बिहार से मतलब नहीं वो भी वोट मांगने आएंगे बांकीपुर सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान सीएम सम्राट ने पीके का नाम लिए बिना कहा कि चुनाव के समय कई ऐसे लोग मैदान में आ जाते हैं, जिनका बिहार और बिहार की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने मतदाताओं से ऐसे “बहुरूपियों” से सावधान रहने की अपील की है। सम्राट ने कहा कि बांकीपुर से एक कार्यकर्ता चुनाव लड़ रहा है। मैं भावुक हो रहा हूं इस जमीन पर जब कार्यकर्ताओं का सम्मान हो रहा था, तभी नितिन नवीन जी को फोन आया था कि आपको पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा रहा है। जिस तरह एनडीए के नेताओं ने बिहार में 202 सीटें जीतने का काम किया था। उसी तरह बांकीपुर में जीत दर्ज होगी।” उन्होंने कहा, “आपने देखा है, हमने बिहार को सींचने का काम किया है। हमने घर-घर बिजली पहुंचाई है। हम तो ऐसे दल हैं, जब जनता को 125 यूनिट बिजली मुफ्त देते हैं तो विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को भी बिजली मुफ्त देते हैं।” BJP प्रदेश अध्यक्ष कैंडिडेट के नाम पर कन्फ्यूज हुए नामांकन से बीजेपी उम्मीदवार ने अपनी मां का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। अभिषेक ने कहा कि पीके कोई चुनौती नहीं हैं। वहीं अभिषेक के नामांकन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और लोजपा सांसद शांभवी चौधरी शामिल हुए। इस दौरान संजय सरावगी बीजेपी कैंडिडेट के नाम में वो कन्फ्जू हो गए। वो बार-बार अभिषेक कुमार को आशीष सिन्हा बताते रहे। आशीष सिन्हा कुम्हरार के पूर्व विधायक अरुण सिन्हा के बेटे हैं। बांकीपुर सीट के लिए वह भी लगातार प्रयासरत थे। कैंडिडेट के तौर पर उनके नाम की भी चर्चा थी। अब जानिए राजद और बीजेपी कैंडिडेट की प्रोफाइल कौन हैं बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक कुमार बंटी बीजेपी ने भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार बंटी को अपना उम्मीदवार बनाया है। अभिषेक कायस्थ जाति से आते हैं और नितिन नवीन के करीबी माने जाते हैं।
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बांकीपुर उपचुनावः BJP प्रत्याशी अभिषेक बंटी ने नामांकन लिया वापस:कहा- पारिवारिक कारणों से चुनाव नहीं लड़ सकता, पार्टी ने नीरज सिन्हा को बनाया कैंडिडेट