कांवड़ यात्रा के दौरान सोहराबगेट बनेगा मुख्य बस अड्डा:बसों के बदलेंगे रूट , दिल्ली-रुड़की रोड पर भारी वाहनों की एंट्री रुकेगी


श्रावण कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन और परिवहन निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान रोडवेज बसों का संचालन सोहराबगेट बस अड्डे से ही किया जाएगा। शिवरात्रि से चार-पांच दिन पहले भैसाली और मेरठ डिपो की सभी बसों को सोहराबगेट डिपो में मर्ज कर दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर मेरठ रोड स्थित लोहियानगर में बनाए जा रहे अस्थायी बस अड्डे का भी उपयोग किया जाएगा। परिवहन निगम ने इसके लिए रूट प्लान तैयार कर लिया है। संभावना है कि इस महीने के आखरी हफ्ते से कांवड़ मार्गों पर बैरिकेडिंग शुरू हो जाएगी। इसके बाद दिल्ली रोड और रुड़की रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी। मेरठ से हरिद्वार, हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली समेत विभिन्न शहरों के लिए चलने वाली रोडवेज बसों के रूट भी बदले जाएंगे। अधिकारियों ने इन व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोहराबगेट बस अड्डे के पुनर्निर्माण के लिए इसे खाली कराया जाना था, लेकिन कांवड़ मेले में यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए यह निर्णय फिलहाल टाल दिया गया है। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने बताया कि मेले के दौरान यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी वजह से सभी बसों का संचालन सोहराबगेट बस अड्डे से किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर लोहियानगर स्थित अस्थायी बस अड्डे का भी उपयोग किया जाएगा। इधर, कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सोमवार को विकास भवन सभागार में सीडीओ नूपुर गोयल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में नगर निगम, पुलिस, विद्युत विभाग, विद्युत सुरक्षा, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, वन विभाग, जल निगम, पंचायती राज, खाद्य एवं रसद, खाद्य सुरक्षा, औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, एनएचएआई, आरआरटीएस सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। सीडीओ ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कांवड़ मार्गों को गड्ढामुक्त करने, बिजली आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त रखने, साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। प्रमुख मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा व्यवस्था और साइनेज लगाने के निर्देश भी दिए गए। नगर निगम, बीडीओ, ईओ और डीपीआरओ को शौचालय, मोबाइल टॉयलेट, डिवाइडर और स्वच्छता व्यवस्था समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए। वहीं एनएचएआई, लोक निर्माण और सिंचाई विभाग की ओर से गड्ढामुक्त और पैचवर्क कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई गई। नहर पटरी के स्नान स्थलों का चिह्नांकन कर चेतावनी बोर्ड लगाने तथा गोताखोरों के नाम और मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस प्वाइंट, दवाओं की उपलब्धता, मोबाइल बाइक एंबुलेंस, मोबाइल लाइट वैन और चिकित्सा कर्मियों की तैनाती का विस्तृत प्लान तैयार करने को कहा गया। वहीं विद्युत विभाग को कांवड़ मार्ग पर ट्रांसफार्मरों, बिजली के पोल और तारों का भौतिक सत्यापन कर उन्हें सुरक्षित बनाने, आवश्यक स्थानों पर पॉलिथीन कवर लगाने और जोखिम वाले स्थानों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए।

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