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देवरिया में ग्राम पंचायत निधि से ग्राम प्रधान की अपनी फर्म को 18 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) रतन कुमार ने वित्तीय अनियमितता के आरोप में सलेमपुर ब्लॉक की परान छपरा ग्राम पंचायत की सचिव रेखा रानी को निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छता कार्यक्रम में लापरवाही के लिए दो अन्य ग्राम पंचायत सचिवों को भी निलंबित किया गया है। परान छपरा ग्राम पंचायत के प्रधान अंबरीश यादव पर आरोप है कि उन्होंने वेदांश इंटरप्राइजेज नामक अपनी ही फर्म को ग्राम पंचायत निधि से 18 लाख रुपये से अधिक का भुगतान कराया। इस मामले की शिकायत ग्राम नदावर निवासी बिरजू प्रसाद ने जिलाधिकारी से की थी। शिकायत के साथ भुगतान से संबंधित दस्तावेज और अन्य अभिलेख भी उपलब्ध कराए गए थे। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने उपायुक्त (श्रम एवं रोजगार) आलोक पांडेय और जिला पंचायत के वित्त एवं लेखाधिकारी की दो सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत पहुंचकर अभिलेखों की जांच की और शिकायतकर्ता सहित ग्रामीणों से जानकारी जुटाई। जांच के बीच, डीपीआरओ ने वित्तीय अनियमितता के प्रथम दृष्टया आरोपों के आधार पर ग्राम पंचायत अधिकारी रेखा रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अलावा, स्वच्छता कार्यक्रम में लापरवाही पाए जाने पर बनकटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सचिव आदर्श सिंह और नागेश प्रताप को भी निलंबित किया गया है। बनकटा के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) उपेंद्र नाथ पांडेय को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। डीपीआरओ ने जिले के सभी जिला समन्वयक प्रेरकों के वेतन भुगतान पर भी अगली सूचना तक रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम प्रधान को 18 लाख भुगतान, 2 सचिव निलंबित:देवरिया में वित्तीय अनियमितता पर डीपीआरओ की कार्रवाई