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शहर में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन व्हाइट पाउडर के तहत रावतपुर और क्राइम ब्रांच टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। क्राइम ब्रांच ने उड़ीसा से गांजा लेकर आ शहर में सप्लाई करने वाले महिला समेत तीन तस्करों को अरेस्ट किया है। तस्कर तेजस एक्सप्रेस के थर्ड एसी से सफर कर ट्राली बैग में गांजा भरकर ला रहे थे। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए तस्कर अपने गैंग में एक महिला को भी शामिल किए थे। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर विपिन टाडा और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अब तक 60 से अधिक मुकदमें दर्ज हुए है, जिसमें 75 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही 500 किलो गांजा, 25 किलो चरस, कोकेन व स्मैक बरामद की गई है। शिक्षण संस्थानों और होटल में छापेमारी में नाम आया था होटल, शिक्षण संस्थानों व ढाबे में छापेमारी के दौरान उन्नाव, गंगाघाट थाना निवासी अकबर अली उर्फ चिंगारी, काकादेव अंबेडकर नगर निवासी उमेश चंद्र राजपूत उर्फ अश्वनी व मूलरूप से फतेहगढ़ निवासी सलमाना बेगम का नाम सामने आया था। जिसके बाद क्राइम ब्रांच टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी। गुरुवार को राजकीय पॉलिटेक्निक कट से पहले रेलवे लाइन के पास से गिरफ्तार किया गया। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गिरोह का सरगना चिंगारी है, वह 2006 से मादक पदार्थों की तस्करी का काम कर रहा था। 2012 में एसटीएफ ने चिंगारी को शुक्लागंज से गिरफ्तार किया था। 2017 से चिंगारी उड़ीसा में अपना नेटवर्क बनाकर गांजा तस्करी कर रहा था। वह उड़ीसा से गांजा लेकर शहर के काकादेव, सर्वोदय नगर, शुक्लागंज में माल बेचने के लिए तेजस एक्सप्रेस की थर्ड एसी से कानपुर आ रहे थे। अश्वनी की बहन बनकर रहती थी सलमाना तलाशी के दौरान आरोपियों के ट्राली बैग से 50 किलो गांजा बरामद हुआ है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पुलिस चेकिंग से बचने के लिए आरोपियों ने गिरोह में सलमाना बेगम को शामिल किया था। वह अश्वनी के घर में उसकी बहन बनकर रहती थी। आरोपी छात्रों को अपना टारगेट बनाते थे। वह उड़ीसा से माल लेकर बस और ट्रेन के जरिए शहर आते थे।
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तेजस एक्सप्रेस से ला रहे थे गांजा, 3 तस्कर अरेस्ट:चेकिंग से बचने के लिए गैंग में की शामिल थी महिला, ट्राली बैग में मिला 50 किलो गांजा