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श्रावस्ती जिले के नासिरगंज और चौगाई क्षेत्रों में शुक्रवार देर रात तक शिया समुदाय के द्वारा इमाम हुसैन की याद में मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अज़ादारों ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। बताते चले की मजलिस में ज़ाकिर ने कर्बला के वाकयात का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने इमाम हुसैन और उनके साथियों के बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हक, इंसाफ और इंसानियत की रक्षा के लिए इमाम हुसैन का बलिदान कयामत तक इंसानियत को राह दिखाता रहेगा। ज़ाकिर ने अज़ादारों से इमाम हुसैन के आदर्शों को अपनाने और उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। दरअसल मजलिस के दौरान नौहाख्वानी की गई और मातम के जरिए कर्बला के शहीदों को याद किया गया। इस अवसर पर महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने मजलिस में भाग लिया और दुआएं मांगीं। इंसाफ और इंसानियत का संदेश यह पूरा कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, मोहर्रम के दिनों में नासिरगंज और चौगाई में वर्षों से मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन होता आ रहा है। इन मजलिसों के माध्यम से कर्बला की कुर्बानियों, सब्र, इंसाफ और इंसानियत के संदेश को समाज तक पहुंचाया जाता है।
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श्रावस्ती में मोहर्रम, शहीदों को किया गया याद:नौहाख्वानी और मातम के बीच इमाम हुसैन को दी श्रद्धांजलि