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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बांदा डिपो ने लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे 44 संविदा चालकों और 43 संविदा परिचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) ने इन सभी कर्मचारियों को संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया है, जिससे डिपो में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ केंद्र प्रभारी की रिपोर्ट के अनुसार, कई संविदा चालक और परिचालक बिना किसी पूर्व सूचना या प्रशासनिक अनुमति के लंबे समय से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। कुछ कर्मचारी छह माह से भी अधिक समय से अनुपस्थित हैं, जबकि कुछ नियमित रूप से कम ड्यूटी करने के आदी पाए गए हैं। इन कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण बांदा डिपो की लगभग 20 बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। हालांकि, विभाग उपलब्ध कर्मचारियों के माध्यम से बस सेवाओं को बनाए रखने का प्रयास कर रहा है, लेकिन यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक डी.के. चौबे ने बताया कि सभी 87 संविदा कर्मचारियों को 6 जुलाई तक अपना पक्ष रखने और अनुपस्थिति का ठोस कारण प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित कर्मचारियों की संविदा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी। अनुपस्थित परिचालकों में अंबिका सोनकर, अमित सिंह, अंजलि, आराधना, दिव्यांश, कुलदीप, कल्पना, रीता, रविंद्र, रोशनी, सपना, सविता, लक्ष्मी, नेहा, प्रज्ञा, प्रियंका पटेल, राजेश, राजकुमार, रामलखन, राम नारायण, रामप्रकाश और राम प्रकाश वर्मा सहित कुल 43 नाम शामिल हैं। विभाग के अनुसार, इनमें से कई परिचालक जनवरी माह से ड्यूटी पर नहीं आए हैं और बार-बार सूचना देने के बावजूद कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए।
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87 संविदा चालक-परिचालकों नौकरी समाप्त:बांदा डिपो में लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर विभाग की सख्त कार्रवाई