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वाराणसी में गुरुवार रात करीब 9 बजे जमीन और पट्टीदारी के विवाद में युवक की हत्या हो गई। आरोप है कि चचेरे भाई ने 22 वर्षीय सौरभ सिंह उर्फ बंटी की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी अपने साथी के साथ फरार हो गया। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर कई टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया है। मृतक के पिता ने कहा- एक आरोपी ने जमीन विवाद केस में बचाने का झांसा देकर 4.5 लाख रुपए भी ऐंठ लिया था। इसके बाद धमकी दी गई थी। 28 मई को मेरे बेटे को उठाकर ले गए थे। घटना सिंधौरा थाना क्षेत्र के मझवां गांव की है। जमीन और पट्टीदारी विवाद बना हत्या की वजह मझवां गांव निवासी सौरभ सिंह का अपने पट्टीदारों और चचेरे भाई बबलू सिंह से जमीन और मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद से तनाव बना हुआ था। गुरुवार रात करीब 9 बजे सौरभ घर के बाहर खड़ा था। आरोप है कि बबलू और उसके साथी ने उसे बुलाया। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पिस्टल निकालकर सौरभ की कनपटी पर सटा दी और फायर कर दिया। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी बाइक से फरार हो चुके थे। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम परिजन घायल सौरभ को पहले सिंधौरा के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में उसे दीनदयाल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां भी डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता का आरोप- आरोपियों से पुलिस की मिलीभगत मृतक के पिता सर्वेश सिंह ने आरोप लगाया कि मेरा बेटा सौरभ सिंह को रात में पुलिया के पास बुलाकर चचेरे भाई बबलू और रिशु ने गोली मार दी। इससे पहले 28 मई को चौकी इंचार्ज रोहित पटेल ने मेरे बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी और उसे उठाकर ले गए थे। विवाद की जड़ जमीन और पैसों का लेन-देन है। पट्टीदार रोहित पटेल चौकी इंचार्ज सिंधौरा के माध्यम से बबलू और रिशु को बचाने के नाम पर मुझसे 4.50 लाख रुपए ले लिए। मैंने अपनी 3 बिस्वा जमीन खरीदी थी, बाद में किसी तरह यह रकम दी थी। मृतक के पिता ने कहा- एक आरोपी ने जमीन विवाद केस में बचाने का झांसा देकर 4.5 लाख रुपए भी ऐंठ लिया था। इसके बाद धमकी दी गई थी। 28 मई को मेरे बेटे को उठाकर ले गए थे। पुलिस ने भी आरोपियों का साथ दिया है मेरी एक नहीं सुनी। मेरे पास सिर्फ 2 बिस्वा जमीन बची है, लेकिन इसके बावजूद मेरे बेटे की हत्या कर दी गई। मेरा बेटा खेती-बाड़ी का काम करता था और घर पर ही रहता था। मैं आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग करता हूं। एसओजी समेत कई टीमें तलाश में जुटीं घटना की सूचना मिलते ही सिंधौरा थाना पुलिस, एसओजी, एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार और एसीपी पिंडरा मौके पर पहुंचे। कई थानों की पुलिस भी गांव में तैनात की गई है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस बोली- सभी पहलुओं की जांच जारी थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पुरानी पट्टीदारी और जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तहरीर और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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वाराणसी में जमीन विवाद में चचेरे भाई की हत्या:कनपटी से गोली पार निकली, पिता बोले- आरोपियों ने 4.5 लाख रुपए भी ऐंठे